मैहर में आकार लेगा भव्य ‘मां शारदा लोक’, 50 करोड़ की शुरुआती विकास योजना तैयार

 


मैहर, 26 मई (हि.स.)। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मां शारदा मंदिर को भव्य धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ी योजना तैयार की है। “मां शारदा लोक” निर्माण के लिए प्रारंभिक रूपरेखा तैयार हो चुकी है और अलग-अलग चरणों में इसके विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।

मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम ने शुरुआती चरण में 50 करोड़ रुपए की विकास योजना बनाई है। इसके अंतर्गत मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार एवं सौंदर्यीकरण पर काम किया जाएगा।

योजना के अनुसार परिक्रमा पथ का विकास, श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल, जंक्शन निर्माण, पेयजल व्यवस्था, आधुनिक टॉयलेट, कम ऊंचाई वाली नई सीढ़ियों का निर्माण तथा मंदिर परिसर के तीनों फ्लोर एरिया का पुनर्निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा पूरे परिसर का आकर्षक सौंदर्यीकरण भी प्रस्तावित है।

बताया गया है कि शारदा लोक प्रदेश का पहला ऐसा धार्मिक प्रोजेक्ट होगा, जहां विकास कार्य तीन अलग-अलग मॉडल पर किए जाएंगे। इसमें बीओटी, पीपीपी-सीएसआर फंड और पर्यटन विकास निगम के बजट का उपयोग किया जाएगा।

मास्टर प्लान के तहत बीओटी मॉडल पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, तीन धर्मशालाएं, पार्किंग और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं विकसित होंगी। वहीं पीपीपी और सीएसआर फंड के माध्यम से सार्वजनिक सुविधाएं और आधुनिक टॉयलेट बनाए जाएंगे। पर्यटन विकास निगम सूचना केंद्र और डोडी शैली में पब्लिक यूटिलिटी निर्माण कराएगा।

पूरे मास्टर प्लान के अंतर्गत लगभग 2 अरब 64 करोड़ 50 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। शुरुआती 50 करोड़ रुपए की योजना में मुख्य मंदिर क्षेत्र, इंटरसेक्शन जोन, स्ट्रीट स्केपिंग, प्रतीक्षा कक्ष, दुल्हादेव क्षेत्र, अल्हा-उदल अखाड़ा और तालाब विकास, बावली संरक्षण तथा पहुंच मार्ग के उन्नयन जैसे कार्य शामिल किए गए हैं।

वर्तमान में पर्व और भीड़भाड़ वाले दिनों में मंदिर परिसर में जाम और लंबी कतारों की स्थिति बन जाती है। मंदिर तक जाने वाली सीढ़ियां सीधी होने के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। नई योजना में भीड़ प्रबंधन और वैकल्पिक निकासी मार्गों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के मुख्य अभियंता दिलीप श्रीवास्तव ने बताया कि मंदिर जिस टेकरी पर स्थित है, वहां निर्माण कार्य भूगोलिक परिस्थितियों के कारण चुनौतीपूर्ण है। टेकरी की संरचना को प्रभावित किए बिना विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाने के लिए विशेष तकनीकी योजना तैयार की जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी