मैहर में अमानती सामान गृह पर सवाल, होटल और दुकानों के संचालन से राजस्व हानि के आरोप
मैहर, 28 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मैहर स्थित माँ शारदा देवी मंदिर प्रबंध समिति द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए “अमानती सामान गृह” के उपयोग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि सामान सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए इस परिसर का उपयोग नियमों के विपरीत होटल, प्रसाद दुकान, चाय-नाश्ता सेंटर और यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था के रूप में किया जा रहा है, जिससे समिति को लाखों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, समिति द्वारा जारी निविदा में अमानती सामान गृह का उपयोग केवल यात्रियों के सामान सुरक्षित रखने तक सीमित रखा गया था। निविदा शर्तों के तहत बड़े लॉकर का शुल्क 25 रुपये और छोटे लॉकर का शुल्क 15 रुपये निर्धारित किया गया था। साथ ही साफ-सफाई, बिजली व्यवस्था और भवन की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी ठेकेदार को सौंपी गई थी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार ने परिसर का मूल स्वरूप बदल दिया है। यहां प्रसाद दुकान, चाय-नाश्ता केंद्र और यात्रियों के रुकने-नहाने जैसी व्यवस्थाएं संचालित की जा रही हैं। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि कुछ कथित दलाल यात्रियों को समिति की अधिकृत व्यवस्थाओं से हटाकर निजी सुविधाओं की ओर ले जाते हैं, जिससे मंदिर समिति की आय प्रभावित हो रही है और आसपास के छोटे व्यापारियों के कारोबार पर भी असर पड़ रहा है।
स्थानीय जानकारों का कहना है कि जिस परिसर का वार्षिक ठेका लगभग 15 लाख रुपये में दिया गया, यदि उसके वास्तविक व्यावसायिक उपयोग के आधार पर खुली निविदा निकाली जाए तो इसकी बोली 40 लाख रुपये से अधिक तक पहुंच सकती है। ऐसे में ठेका प्रक्रिया और समिति की राजस्व व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
बताया गया है कि निविदा की शर्त क्रमांक-9 में समिति को आवश्यकता पड़ने पर नोटिस देकर अमानती सामान गृह खाली कराने का अधिकार दिया गया है। इसके बावजूद कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, कलेक्टर और मंदिर समिति प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर ठेका शर्तों के उल्लंघन, वास्तविक उपयोग और संभावित राजस्व हानि की जांच कराने की मांग की है।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी