मैहर के मार्कंडेय आश्रम में हादसा: नदी में डूबा 15 वर्षीय किशोर, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

 


मैहर, 27 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मैहर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मार्कंडेय आश्रम में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। विसर्जन कार्यक्रम के दौरान नदी में स्नान करने उतरे एक ही परिवार के तीन सदस्य गहरे पानी में चले गए। मौके पर मौजूद लोगों ने दो महिलाओं को सुरक्षित बचा लिया, लेकिन 15 वर्षीय किशोर वेदरूप गुप्ता तेज बहाव में बह गया।

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि जहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से यह हादसा हुआ। घंटों चले रेस्क्यू अभियान के बाद भी किशोर का कोई सुराग नहीं लग सका।

जानकारी के अनुसार सतना जिले के चोरहटा निवासी गुप्ता परिवार रामनगर में आयोजित भंडारे और विसर्जन कार्यक्रम में शामिल होने आया था। शनिवार सुबह आशा गुप्ता (38), पूनम गुप्ता (35) और 15 वर्षीय वेदरूप गुप्ता मार्कंडेय नदी में स्नान करने पहुंचे थे। इसी दौरान तीनों अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे।

तीनों को डूबता देख घाट पर मौजूद लोगों ने तुरंत नदी में छलांग लगाई। काफी प्रयास के बाद आशा गुप्ता और पूनम गुप्ता को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन वेदरूप गुप्ता तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया।

हादसे की सूचना मिलते ही रामनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई गई। बाद में एनडीआरएफ की टीम भी रेस्क्यू अभियान में जुटी, लेकिन देर शाम तक किशोर का पता नहीं चल सका।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि मार्कंडेय आश्रम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंचती है, इसके बावजूद नदी घाट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार नदी के गहरे हिस्सों में न तो बैरिकेडिंग की गई है, न चेतावनी संकेत लगाए गए हैं और न ही प्रशिक्षित गोताखोर या लाइफगार्ड की नियमित व्यवस्था है। उनका आरोप है कि हर हादसे के बाद प्रशासन सक्रिय होता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता।

मार्कंडेय आश्रम में हुए इस हादसे ने धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए स्थायी इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी