मैहर के सिविल अस्पताल पर भोपाल से आई टीम की कुपोषण की जांच

 


मैहर, 30 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मैहर सिविल अस्पताल में कुपोषण के मामले की जांच के लिए गुरुवार को भोपाल से आई टीम ने औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कुपोषण से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल की कार्यप्रणाली की जांच की गई और कई कमियों पर नाराजगी भी जताई गई।

भोपाल से आई टीम में चाइल्ड हेल्थ के डिप्टी डायरेक्टर राकेश घोर शामिल थे, जिन्होंने अस्पताल के विभिन्न विभागों का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुपोषित बच्चों के उपचार, पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थिति, रिकॉर्ड संधारण और फील्ड मॉनिटरिंग की समीक्षा की गई। कई जगह व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं पाई गईं, जिस पर टीम ने संबंधित कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई।

डिप्टी डायरेक्टर ने साफ कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत सुधार करने और निगरानी प्रणाली मजबूत करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के बाद अस्पताल स्टाफ में पूरे दिन हड़कंप की स्थिति बनी रही। सूत्रों के अनुसार निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट भोपाल मुख्यालय भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इस कार्रवाई का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना और कुपोषण जैसी गंभीर समस्या पर नियंत्रण पाना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के औचक निरीक्षण से न केवल जवाबदेही तय होती है, बल्कि व्यवस्था में सुधार भी आता है। इससे मरीजों, खासकर बच्चों को बेहतर इलाज मिलने की संभावना बढ़ती है।

सिविल अस्पताल में हुआ यह निरीक्षण स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे उम्मीद है कि कुपोषण जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कार्रवाई की जाएगी और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी