नर्मदा का जल अब सुरंग के रास्ते पहुंचेगा विंध्य, देश की सबसे लंबी जल सुरंग का काम अंतिम चरण में
मैहर, 20 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मैहर सहित पूरे विंध्य क्षेत्र के लिए बड़ी जल परियोजना अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। स्लीमनाबाद क्षेत्र में बन रही देश की सबसे लंबी जल सुरंग लगभग तैयार हो चुकी है। करीब 11.95 किलोमीटर लंबी यह सुरंग जबलपुर स्थित बरगी व्यपवर्तन योजना का अहम हिस्सा है, जिसके जरिए पहली बार नर्मदा नदी का पानी विंध्य पर्वतमाला के नीचे से होकर जल संकट वाले क्षेत्रों तक पहुंचेगा।
जानकारी के लिए बता दें कि करीब 1600 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना में अब केवल लगभग 75 मीटर खुदाई का काम शेष रह गया है। अधिकारियों के अनुसार जून के अंत तक सुरंग निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद तार संयोजन सहित अन्य तकनीकी कार्य पूरे किए जाएंगे।
परियोजना के पूर्ण होने के बाद कटनी, मैहर, सतना, पन्ना और रीवा सहित कई जिलों को सिंचाई और पेयजल का लाभ मिलेगा। इससे हजारों किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और कृषि क्षेत्र को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि सुरंग निर्माण का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है। कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों, जमीन धंसने, जहरीली गैस के रिसाव और अचानक पानी भरने जैसी समस्याओं के कारण कई बार काम प्रभावित हुआ। निर्माण के दौरान कुछ मजदूरों की जान भी गई।
वर्ष 2011 में अमेरिका से लाई गई सुरंग खोदने वाली मशीन भी चट्टानी संरचना के कारण अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी थी। इसके बाद आधुनिक तकनीक और नई मशीनों की मदद से निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया गया। शुरुआत में इस परियोजना की लागत करीब 700 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जो समय के साथ बढ़कर लगभग 1600 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
परियोजना पूरी होने के बाद इसे विंध्य क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई संकट के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लाखों लोगों को इसका सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी