महामंडलेश्वर डॉ. सुमनानंद गिरि को फिर मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस जांच में जुटी
उज्जैन , 16 जून (हि.स.)। निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर एवं मंगलनाथ रोड स्थित गंगाघाट मौन तीर्थ पीठ के पीठाधीश्वर डॉ. सुमनानंद गिरि को एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिली है। इस बार धमकी भरा पत्र डाक के माध्यम से उनके आश्रम पहुंचा है। पत्र मिलने के बाद उन्होंने पुलिस प्रशासन से शिकायत कर मामले में सख्त कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
जानकारी के अनुसार यह पत्र सोमवार को मंगलनाथ मार्ग स्थित गंगाघाट मौन तीर्थ आश्रम में पोस्ट के जरिए पहुंचा था। मंगलवार को जब आश्रम में लिफाफा खोला गया तो उसमें एक हस्तलिखित पत्र मिला, जिसमें डॉ. सुमनानंद गिरि को गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की चेतावनी दी गई थी। पत्र में धार्मिक टिप्पणियों का आरोप लगाते हुए धमकी दी गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह पत्र उत्तर प्रदेश से भेजा गया बताया जा रहा है।
मामला सामने आने के बाद डॉ. सुमनानंद गिरि ने इसकी सूचना उज्जैन पुलिस अधीक्षक (एसपी) को भी दी है। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से सनातन धर्म और धार्मिक विषयों पर सक्रिय रूप से अपनी बात रखते रहे हैं, जिसके कारण उन्हें लगातार इस तरह की धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि पूर्व में भी कई बार उन्हें निशाना बनाया जा चुका है।
महामंडलेश्वर ने बताया कि इससे पहले उज्जैन और बड़ौदा में उन पर हमले भी हो चुके हैं। लगातार मिल रही धमकियों और पूर्व की घटनाओं के बावजूद उन्हें अब तक पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
गौरतलब है कि डॉ. सुमनानंद गिरि को पूर्व में भी कई बार धमकी भरे पत्र प्राप्त हो चुके हैं। वर्ष 2025 में प्रयागराज से भेजे गए एक पत्र में भी उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। वहीं वर्ष 2023 में अखाड़ा परिषद की बैठक के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए पत्र में भी धमकी दी गई थी। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल पुलिस ने नए पत्र को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पत्र के स्रोत, पोस्टिंग स्थान और उसे भेजने वाले व्यक्ति की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्वेल