मध्य प्रदेश में अगले 4 दिन बारिश से राहत नहीं, ऊपरी हिस्से में दो सिस्टम एक्टिव, आज 6 जिलों में अलर्ट

 


भोपाल, 07 सितम्बर (हि.स.) । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। प्रदेश के ऊपरी हिस्से में बने दो मौसम सिस्टम के कारण बारिश का दौर अगले चार दिन तक जारी रहने की संभावना है। सोमवार को रीवा और सागर संभाग के छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं मालवा-निमाड़ क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहेंगी और इंदौर-उज्जैन संभाग में हल्की बारिश हो सकती है।

मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक अगले 24 घंटे में निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में भारी बारिश की चेतावनी है। इसके अलावा प्रदेश के कई जिलों में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर और दमोह में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।

भोपाल में फिर खुले कलियासोत बांध के गेट

रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का जोर रहा। भोपाल के कलियासोत बांध के दो गेट दोबारा खोलने पड़े। इससे एक दिन पहले शनिवार रात करीब 11 बजे बांध के चार गेट खोले गए थे। पानी छोड़े जाने के बाद रात 12 बजे इन्हें एक-एक करके बंद कर दिया गया था। शाजापुर के अकोदिया में रुक-रुककर कभी तेज तो कभी धीमी बारिश हो रही है। खेतों में पानी भरने से सोयाबीन की फसल को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। मुरैना के कैलारस में बारिश के बाद खेरली-पचोखरा रोड पर गुराह नाले का पुल पानी में डूब गया। इसके बाद जरूरी काम से आने-जाने वाले लोग बड़ी कढ़ाही जैसे बर्तन में बैठकर रस्सी के सहारे नाले को पार करते नजर आए।

23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

आंकड़ों के मुताबिक अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत के मुकाबले ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा 1 प्रतिशत तक कम है। वहीं बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2 प्रतिशत से 23 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। हालांकि पिछले सात दिनों में बारिश के आंकड़ों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इस दौरान पूर्वी हिस्से के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने। लगातार बारिश से सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्से की स्थिति बेहतर हुई है और आंकड़ा 2 प्रतिशत ज्यादा हो गया है।

इसके उलट पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1 प्रतिशत से 54 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत