मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में फिर बदला मौसम, रीवा-शहडोल समेत 11 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट

 




- भोपाल संभाग में भी बारिश के आसार

भोपाल, 31 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश में बारिश का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। पूर्वी हिस्से में सक्रिय स्ट्रॉन्ग सिस्टम के असर से कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। शहडोल के बाणसागर डैम के रविवार को 6 गेट खोलने पड़े। सिंगरौली में तेज बारिश हुई, जबकि मंडला और सतना के चित्रकूट में बाढ़ के बाद हालात बिगड़ गए। हालांकि अब नदियों का जलस्तर कुछ कम हुआ है, लेकिन कई इलाकों में बाढ़ से हुई तबाही के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। सोमवार को पूर्वी हिस्से के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

देर रात तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रही। बाढ़ प्रभावित सतना में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। मौसम विभाग ने सोमवार को रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।

रविवार को चित्रकूट में मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट उफान पर रही। गोरगी बांध टूटने के बाद कई इलाकों में पानी भर गया था। तेज बहाव के कारण रामघाट का बड़ा पुल भी बह गया। बाढ़ का पानी उतरने के बाद घरों और सड़कों पर मिट्टी, कचरा और कीचड़ जमा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने आश्रय स्थल में प्रभावित लोगों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में अतिक्रमण को भी बाढ़ की संभावित वजहों में से एक बताया।

बाणसागर डैम लबालब, 6 गेट खोले

शहडोल का बाणसागर डैम भी लगातार बारिश के कारण भर गया है। यहां पानी की आवक पहले 808.64 क्यूमेक्स थी, जो 12 घंटे में बढ़कर 2677.29 क्यूमेक्स हो गई। पिछले साल की तुलना में इस बार डैम का जलस्तर 13 सेंटीमीटर अधिक है। स्थिति को देखते हुए रविवार दोपहर 12 बजे डैम के 6 गेट खोल दिए गए। इसके बाद निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया।

सितंबर के शुरुआती 3 दिन भी भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने सितंबर के शुरुआती तीन दिनों में भी कई जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी दी है। इनमें सीधी, उमरिया, मंडला, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम समेत कई जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है।

ज्यादातर डैम में 70 प्रतिशत से ज्यादा पानी

लगातार बारिश से प्रदेश के जलाशयों की स्थिति में सुधार हुआ है। अधिकांश डैम में 70 प्रतिशत तक पानी पहुंच चुका है और कुछ बांधों के गेट भी खोलने पड़े हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के बांधों की स्थिति अभी बेहतर नहीं है। भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। अब इसमें सिर्फ 0.30 फीट खाली है। बड़ा तालाब पूरी तरह भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जाएंगे। यहां से छोड़ा गया पानी कलियासोत डैम में पहुंचेगा, जिससे उसका जलस्तर भी बढ़ेगा।

प्रदेश में अब तक 27.2 इंच बारिश

IMD (मौसम केंद्र) के मुताबिक प्रदेश में अब तक 700 मिमी यानी 27.2 इंच बारिश हो चुकी है। इसके बावजूद सामान्य बारिश के मुकाबले कमी बनी हुई है। अब तक सामान्य बारिश 30.4 इंच (772.3 मिमी) होनी चाहिए थी, यानी 3.2 इंच कम पानी गिरा है। ओवरऑल बारिश सामान्य से 9 प्रतिशत कम है। पूर्वी हिस्से में 5 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश 19 प्रतिशत तक कम हुई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत बताए गए जिलों में 1 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1 प्रतिशत से 51 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है। जबकि अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत