मध्य प्रदेश में 18-19 जून तक मानसून की दस्तक के आसार, आज भी कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
भोपाल, 16 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के 18 से 19 जून के बीच प्रवेश करने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का मानना है कि मानसून के आने के बाद प्रदेश में बारिश की स्थिति में सुधार होगा। फिलहाल जून माह में प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है और कई जिले बारिश के मामले में पीछे चल रहे हैं।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 15 जून तक प्रदेश में औसतन 31.9 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस अवधि में केवल 22.7 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इस तरह प्रदेश में सामान्य से 29 प्रतिशत कम बारिश हुई है। यह वर्षा प्री-मानसून गतिविधियों के कारण दर्ज की गई है। प्रदेश के 55 जिलों में से 35 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। इनमें इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, विदिशा, धार, खरगोन, खंडवा, देवास, बैतूल, भिंड, बुरहानपुर, पन्ना, सागर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, अनूपपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ सहित अन्य जिले शामिल हैं।
प्री-मानसूनी गतिविधियों के चलते आज मंगलवार को भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सीहोर, देवास, खंडवा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना समेत 30 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है।वहीं इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, रतलाम, धार, झाबुआ, जबलपुर, कटनी, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली सहित कई जिलों में तेज धूप निकलने के आसार हैं, जिससे गर्मी का असर बना रह सकता है।
बीते सोमवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहा। भोपाल और सागर में आधा इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि सीहोर, रायसेन, राजगढ़ और छिंदवाड़ा में भी बारिश हुई। बारिश के कारण कई क्षेत्रों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बड़े शहरों में अधिकतम तापमान की बात करें तो भोपाल में 34.5 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 37.1 डिग्री, उज्जैन में 38 डिग्री, जबलपुर में 38.7 डिग्री और ग्वालियर में 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
प्रदेश में सबसे अधिक तापमान खजुराहो में 42.6 डिग्री सेल्सियस और नौगांव में 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दतिया, दमोह और सतना में भी पारा 40 डिग्री के पार रहा। दूसरी ओर, पचमढ़ी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सिवनी में तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून इस बार प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से से प्रवेश कर सकता है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए बालाघाट, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और आसपास के जिलों के रास्ते मानसून के मध्य प्रदेश में पहुंचने की संभावना है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत