मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का दाैर जारी, भोपाल-उज्जैन सहित कई जिलों में झमाझम बारिश, तापमान में आई गिरावट
भोपाल, 20 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का दौर देखने को मिला। राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, धार, श्योपुर, सीहोर, ग्वालियर और शिवपुरी समेत अनेक जिलों में हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाई। हालांकि कई शहरों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति भी बनी।
सबसे अधिक बारिश उज्जैन में दर्ज की गई, जहां शाम तक करीब 2.4 इंच वर्षा रिकॉर्ड हुई। वहीं भोपाल में 1.3 इंच बारिश हुई। तेज बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गईं और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। लगातार आंधी और बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में कमी दर्ज की गई। धार में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि शिवपुरी में 34 डिग्री, शाजापुर और राजगढ़ में 35 डिग्री तथा पचमढ़ी में 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल का तापमान 33.4 डिग्री, इंदौर का 35.2 डिग्री, उज्जैन का 35 डिग्री, ग्वालियर का 39.6 डिग्री और जबलपुर का 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दिनों में भी तापमान में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
शिवपुरी में चली सबसे तेज हवा
शनिवार काे आंधी के दौरान प्रदेश में सबसे तेज हवा शिवपुरी में चली, जहां हवा की रफ्तार 46 किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की गई। भोपाल, ग्वालियर और अशोकनगर में 43 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। इसके अलावा रीवा और खजुराहो में 41 किमी, धार, आगर-मालवा और गुना में 39 किमी, बड़वानी में 37 किमी तथा राजगढ़ में 35 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार रिकॉर्ड की गई।
श्योपुर में 15 मिनट की बारिश ने बदला मौसम
श्योपुर में शनिवार दोपहर अचानक मौसम बदल गया और करीब 15 मिनट तक तेज बारिश हुई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई तथा वातावरण में ठंडक घुल गई। लोगों को गर्मी से राहत मिली, हालांकि कुछ स्थानों पर सड़कें फिसलन भरी हो गईं और आवागमन प्रभावित रहा।
उज्जैन में आधे घंटे की तेज बारिश
उज्जैन में करीब आधे घंटे तक हुई तेज बारिश ने शहर का मौसम पूरी तरह बदल दिया। सड़कों पर पानी बहने लगा और कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। पिछले कई दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को बारिश ने बड़ी राहत दी। बारिश के बाद ठंडी हवाएं चलीं और तापमान में भी कमी दर्ज की गई। किसानों ने भी इस बारिश को खरीफ फसलों के लिए लाभकारी बताया है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी जिले में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
इंदौर और भोपाल में भी झमाझम बारिश
इंदौर के अधिकांश क्षेत्रों में शनिवार को बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। वहीं राजधानी भोपाल में कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भर गया। शहर के निचले इलाकों में जलनिकासी की समस्या भी सामने आई। बारिश के कारण लोगों को तेज गर्मी और उमस से राहत मिली।
प्रदेश में सामान्य से 44 प्रतिशत कम बारिश
मानसून की देरी का असर प्रदेश की कुल वर्षा पर भी दिखाई दे रहा है। जून माह में अब तक प्रदेश में सामान्य से 44 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 24 जिलों में सामान्य से 65 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में यह कमी करीब 27 प्रतिशत दर्ज की गई है।
आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 55 में से 45 जिलों में वर्षा सामान्य से कम रही है। हालांकि राजधानी भोपाल इस मामले में अपवाद बना हुआ है, जहां सामान्य से 62 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। यहां अब तक लगभग 4 इंच वर्षा हो चुकी है, जबकि सामान्य आंकड़ा करीब ढाई इंच है।दूसरी ओर, आलीराजपुर ऐसा जिला है जहां अब तक उल्लेखनीय बारिश दर्ज नहीं की गई है।
अगले कुछ दिन सक्रिय रहेगा मौसम
मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश के कई जिलों में अगले दो से तीन दिनों तक आंधी और बारिश का दौर जारी रह सकता है। विशेष रूप से मालवा, निमाड़, भोपाल, ग्वालियर-चंबल और महाकौशल क्षेत्र में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में और गिरावट आने तथा लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे