माधव टाइगर रिजर्व में पहली बार पक्षी सर्वेक्षण, सात राज्यों के 40 विशेषज्ञ कर रहे अध्ययन

 


शिवपुरी, 13 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के शिवपुरी स्थित माधव टाइगर रिजर्व में पहली बार व्यापक पक्षी सर्वेक्षण का आयोजन किया जा रहा है। 12 से 14 जून तक चलने वाले इस तीन दिवसीय सर्वेक्षण का उद्देश्य क्षेत्र की पक्षी जैव-विविधता का वैज्ञानिक आकलन करना और संरक्षण संबंधी रणनीतियों को मजबूत आधार प्रदान करना है।

रिजर्व प्रबंधन के अनुसार, सर्वेक्षण के दौरान स्थानीय एवं प्रवासी पक्षी प्रजातियों की पहचान कर उनकी वर्तमान स्थिति का दस्तावेजीकरण किया जाएगा। साथ ही उन क्षेत्रों को भी चिन्हित किया जाएगा, जहां पक्षियों की संख्या अधिक है या दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं। इन क्षेत्रों के संरक्षण और विशेष प्रबंधन के लिए भविष्य में कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

अभियान के तहत वन विभाग के मैदानी कर्मचारियों को पक्षियों की पहचान, उनके व्यवहार, आवास और संरक्षण संबंधी पहलुओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इससे भविष्य में संरक्षण गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।

सर्वेक्षण में देश के सात राज्यों से आए लगभग 40 पक्षी विशेषज्ञ और स्वयंसेवक स्थानीय वन अमले के साथ मिलकर भाग ले रहे हैं। पक्षियों की गणना और रिकॉर्डिंग के लिए आधुनिक डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। ई-बर्ड ऐप के माध्यम से वास्तविक समय में आंकड़े संकलित किए जा रहे हैं, जिससे एक प्रमाणिक और व्यवस्थित डेटाबेस तैयार हो सके।

माधव टाइगर रिजर्व प्रबंधन का मानना है कि यह सर्वेक्षण क्षेत्र की पक्षी संपदा के संरक्षण, शोध और बेहतर प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। साथ ही इससे भविष्य की संरक्षण योजनाओं को वैज्ञानिक आधार मिलेगा और जैव-विविधता संरक्षण के प्रयासों को नई दिशा प्राप्त होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / युगल किशोर शर्मा