लोकायुक्त ने धार जिला परियोजना समन्वयक को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा

 


धार, 18 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के धार में लोकायुक्त इंदौर की टीम ने साेमवार काे जिला शिक्षा केंद्र में पदस्थ जिला परियोजना समन्वयक प्रदीप कुमार खरे को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी पर शासकीय स्कूलों में बनाए गए शौचालयों के पूर्णता प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के बदले बड़ी रकम की रिश्वत मांगने का आरोप है।

लोकायुक्त पुलिस के अनुसार मामला समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले के विभिन्न सरकारी विद्यालय परिसरों में बनाए जा रहे 122 शौचालयों के निर्माण कार्य से जुड़ा है। इस परियोजना के लिए करीब 3 करोड़ 42 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। निर्माण कार्यों की निगरानी जिला शिक्षा केंद्र में पदस्थ प्रभारी सहायक यंत्री दिलीप साधव द्वारा की जा रही थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि जिला परियोजना समन्वयक प्रदीप कुमार खरे निर्माण कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के एवज में कुल परियोजना राशि का 5 प्रतिशत, यानी लगभग 17 लाख रुपये कमीशन की मांग कर रहे थे। आवेदक दिलीप साधव ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से की। शिकायत के सत्यापन में मामला सही पाए जाने के बाद सोमवार को एक ट्रैप दल का गठन किया गया। लोकायुक्त टीम ने आरोपी खरे को रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 1 लाख रुपए लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई समग्र शिक्षा केंद्र कार्यालय में की गई।

लोकायुक्त ने आरोपी प्रदीप कुमार खरे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का माहौल है। मामले की आगे की जांच जारी है। इस कार्रवाई में कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक आशीष शुक्ला, आरक्षक विजय कुमार, कमलेश परिहार, मनीष माथुर, कृष्णा अहिरवार और प्रभात मोरे शामिल रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे