एक हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए आरआई को रंगे हाथ लोकायुक्त ने पकड़ा
मुरैना, 24 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में ग्रामीण के तीन बच्चों के जाति प्रमाण बनवाने के एवज में मंगलवार को एक हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए राजस्व निरीक्षक को लोकायुक्त की टीम ने एसडीएम कार्यालय में रंगे हाथों पकड़ लिया, हालांकि पकडे जाने के बाद आरआई कई तरह के बहाने बनाने लगा। लेकिन लोकायुक्त टीम ने उसकी एक न सुनी। उस पर भ्रष्टाचारअधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
मुरैना जिले के ग्राम गोबियापुरा निवासी संतोष सिंह कुश्वाह को बच्चों को स्कूल मे जाति प्रमाण पत्र की जरूरत थी। उनके तीन बच्चे है। वह तीनों बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनवान के लिए राजस्व निरीक्षक राकेश जैन के पास पहुंचे। राकेश से कहा कि जाति प्रमाण पत्र बनना है तो राकेश ने कहा कि इसके एवज मे दो हजार रूपए लगेगे। संतोष ने कहा कि वह गरीब है,इतनी रकम नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि फिर जाति प्रमाण पत्र भूल जाओ। जब वह नहीं माने तो संतोष ने उन्हें 500 रूपए दे दिए। बाकी पैसा बाद मे देने को कहा। कुछ दिन बाद वह दोबारा पहुंचा और जाति प्रमाण पत्र मांगा तो आर आई ने उसके साथ गाली गलौच कर दी।कहा कि जब तक पूरे पैसे नहीं दोगे तब तक काम नहीं होगा। उसने दोबारा 500 रूपए दे दिए। बाकी एक हजार रूपए बाद मे देने को तय हुआ। परेशान होकर संतोष ने ग्वालियर मे लोकायुक्त दफ्तर जाकर शिकायत की।
शिकायत को लोकायुक्त एसपी ने गंभीरता से लिया।
टीम गठित कर बनाई रणनीति
आरआई को रंगे हाथ पकडऩे के लिए लोकायुक्त की एक टीम बनाई। संतोष से कहा कि वह आरआई से बात करें कि बाकी एक हजार रूपए कब और कहा देना है। इस पर आरआई ने आज उसे एसडीएम कार्यालय बुलाया था। योजना के मुताबिक लोकायुक्त टीम ने संतोष को एक हजार रूपए देकर आरआई के पास भेज दिया। पीछे से लोकायुक्त की टीम भी वहां पहुंच गई। जैसे ही संतोष ने आरआई राकेश जैन को रिश्वत के एक हजार रूपए थमाएं पहले से तैयार बैठी लोकायुक्त ने राकेश को रंगे हाथ पकड़ लिया।
हाथ धुलवाएं तो निकला गुलाबी रंग
लोकायुक्त ने नोटों मे केमीकल लगाकर दिया था। राकेश उन रूपए को हाथ मे पकड़ चुका था इसलिए केमीकल उसके हाथ मे लग गया था। लोकायुक्त टीम ने उसे पकडऩे के बाद हाथ धुलवाएं तो गुलाबी रंग निकला। इससे तय हो गया कि रिश्वत ली है।
आवेदक संतोष सिंह कुशवाह का कहना है कि मुझे अपने तीनों बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनवाना था। आरआई ने मुझसे दो हजार रूपए की रिश्वत मांगी। उस वक्त मैने 500 रूपए उन्हें दे दिए। दोबार गया तो आरआई ने गाली गलौच कर दी। मुझसे बोले कि जब तक पूरे पैसे नहीं आ जाते तब तक काम नहीं होगा। मै दोबार उन्हें 500 रूपए दे आया। पेरशान होकर मैने लोकायुक्त मे शिकायत कर दी। आज एक हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने उन्हें पकड़ लिया।
लोकायुक्त सब इंस्पेक्टर बलराम सिंह राजावत ने कहा कि शिकायत के बाद एसपी के निर्देशन मे एक टीम गठित की गई। आज जेसे ही शिकायत कर्ता ने आरआई को एक हजार रूपए की रिश्वत दी। वैसे ही हम लोग पहुंच गए और आरआई को रंगे हाथ पकड़ लिया।
हिन्दुस्थान समाचार/उपेंन्द्र
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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा