भूमि अधिकार और रोजगार की मांग को लेकर कटनी कलेक्ट्रेट का घेराव, सैकड़ों भूमिहीन आदिवासियों ने सौंपा ज्ञापन
कटनी, 24 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के कटनी जिले में भूमि अधिकार और रोजगार की मांग को लेकर शुक्रवार को बहोरीबंद और रीठी तहसील के दर्जनों गांवों से आए सैकड़ों भूमिहीन आदिवासियों ने जिला कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और संयुक्त कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर आशीष तिवारी को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन में शामिल आदिवासियों का कहना था कि वनाधिकार कानून और सीलिंग एक्ट के तहत पात्र होने के बावजूद उन्हें अब तक कृषि भूमि के पट्टे नहीं मिले हैं। भूमि के अभाव में आजीविका का संकट गहराता जा रहा है, जिसके कारण बड़ी संख्या में ग्रामीणों, विशेषकर युवाओं को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ रहा है।
हर भूमिहीन परिवार को एक हेक्टेयर जमीन देने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि प्रत्येक भूमिहीन मजदूर परिवार को कम से कम एक हेक्टेयर कृषि भूमि आवंटित की जाए। उनका कहना था कि जिले में पर्याप्त शासकीय भूमि उपलब्ध है, जिसका उपयोग भूमिहीन परिवारों के पुनर्वास और आजीविका के लिए किया जा सकता है। इससे ग्रामीणों को खेती का अवसर मिलेगा और पलायन पर भी रोक लगेगी।
10 दिन का अल्टीमेटम
युवा नेता छोटू आदिवासी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को 10 दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो वे खाली पड़ी शासकीय एवं वन भूमि पर कब्जा करने का आंदोलन शुरू करेंगे। प्रदर्शन के दौरान प्रतिभागियों ने दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का भी विरोध दर्ज कराया। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की मांगों पर नियमानुसार विचार करने का आश्वासन दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे