“खर्च में फिसड्डी, कर्ज में अव्वल”, अजय सिंह का प्रदेश सरकार पर तीखा हमला

 


भोपाल, 18 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश की वित्तीय स्थिति को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार बजट खर्च करने में नाकाम और कर्ज लेने में सबसे आगे है।

अजय सिंह ने बुधवार काे अपने बयान में कहा कि, वित्त वर्ष खत्म होने में महज कुछ दिन शेष हैं, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार अब तक करीब 33% बजट खर्च नहीं कर पाई है। यह राशि लगभग 1.10 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पूरे साल निष्क्रिय रहने के बाद अब सरकार आखिरी दिनों में जल्दबाजी में पैसा खर्च कर रही है, जो भ्रष्टाचार और फिजूलखर्ची की आशंका पैदा करता है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य, लोक निर्माण, कृषि और नवकरणीय ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विभागों में औसतन केवल 60% बजट ही खर्च हो सका है। इसे उन्होंने सरकार की प्रशासनिक विफलता करार दिया।

कर्ज का बढ़ता बोझ

अजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर लगातार कर्ज ले रही है, जबकि बजट का सही उपयोग नहीं कर पा रही। उनके अनुसार, बीते एक सप्ताह में ही करीब 9,900 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया गया है और कुल कर्ज का आंकड़ा 5.10 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। इससे आने वाले समय में आम नागरिकों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नीति आयोग ने भी राज्य की बढ़ती उधारी और कमजोर राजस्व वसूली पर चिंता जताई है। इसके बावजूद सरकार स्थिति सुधारने में नाकाम नजर आ रही है।

श्वेत पत्र जारी करने की मांग

अजय सिंह ने आरोप लगाया कि सालभर विकास कार्य ठप रहते हैं और मार्च के अंत में बजट खर्च करने की होड़ मच जाती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी कर जनता को बताया जाए कि आखिर उन्हें कर्ज के बोझ तले क्यों दबाया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे