बीना मंडी में किसानों का प्रदर्शन, मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर रोकी आवक; सरकारी शेड खाली कराने की मांग

 


सागर, 15 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले की बीना कृषि उपज मंडी में बुधवार को किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सरकारी शेड में व्यापारियों का अनाज रखे जाने के विरोध में किसानों ने मंडी के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया। इसके चलते मंडी में आवक और नीलामी का काम प्रभावित हो गया तथा बाहर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

किसानों का कहना है कि मंडी परिसर के सरकारी शेड किसानों की उपज के सुरक्षित भंडारण और नीलामी की सुविधा के लिए बनाए गए हैं, लेकिन इन पर लंबे समय से व्यापारियों का कब्जा है। इससे किसानों को अपनी फसल खुले में रखने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे बारिश और खराब मौसम के दौरान अनाज के नुकसान की आशंका बनी रहती है।

किसान संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर मंडी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को पहले ही चेतावनी दी गई थी। संघ ने स्पष्ट किया था कि यदि सरकारी शेड से व्यापारियों का अनाज नहीं हटाया गया तो आंदोलन किया जाएगा। किसानों का आरोप है कि चेतावनी के बावजूद प्रशासन ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद उन्हें तालाबंदी जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

बुधवार सुबह बड़ी संख्या में किसान मंडी पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि मंडी प्रबंधन लगातार व्यापारियों को संरक्षण दे रहा है, जबकि किसानों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने सरकारी शेड तत्काल खाली कराने के साथ ही मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।

घटना की सूचना मिलते ही मंडी सचिव और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर स्थिति सामान्य बनाने का प्रयास किया और व्यापारियों का अनाज जल्द हटवाने का भरोसा दिया। हालांकि किसान लिखित आदेश और तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।

किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकारी शेड पूरी तरह खाली कराकर किसानों के उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं कराए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे