सागर : क्रिकेटर क्रांति गौंड का सम्मान, 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत युवाओं को दिया प्रेरणादायी संदेश

 


सागर, 23 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश में चलाए जा रहे नशे से दूरी है जरूरी 2.0 जन-जागरूकता अभियान के तहत पुलिस ऑफिसर मेस सागर में गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में क्रिकेटर क्रांति गौंड ने अपने जीवन के संघर्षपूर्ण दिनों को याद किया। साथ ही युवाओं को प्रेरणादायी संदेश दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौंड और उनके भाई को स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित करने के साथ हुआ। पूरे प्रांगण में पुलिस अधिकारियों और जवानों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच क्रांति का आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में सागर ज़ोन के पुलिस महानिरीक्षक मिथिलेश कुमार शुक्ला, डीआईजी शशीन्द्र चौहान, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, एएसपी जयवीर सिंह भदोरिया और एएसपी नरेंद्र सोलंकी सहित पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, शहर के थाना प्रभारी एवं 10वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल के जवान उपस्थित रहे।

क्रांति गौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि सफलता कभी भी एक रात में हासिल नहीं होती। इसके लिए निरंतर कड़ी मेहनत, अनुशासन और धैर्य की आवश्यकता होती है। यदि जीवन में कठिनाइयाँ आएँ, तो उनसे डरने के बजाय दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे जैसी सामाजिक बुराई से पूरी तरह दूर रहें और अपनी ऊर्जा को खेल, शिक्षा और रचनात्मक कार्यों में लगाएँ। इसके अलावा, उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों के सामने एक अच्छा उदाहरण पेश करें, क्योंकि बच्चे सबसे पहले अपने परिवार से ही संस्कार सीखते हैं।

अपने क्रिकेट करियर के सबसे यादगार पलों को साझा करते हुए क्रांति ने बताया कि लॉर्ड्स टेस्ट में भारत की ऐतिहासिक जीत उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। उन्होंने विशेष रूप से उस गौरवपूर्ण क्षण का ज़िक्र किया जब लॉर्ड्स की प्रतिष्ठित पवेलियन गैलरी में पहली भारतीय महिला क्रिकेटर के रूप में उनका चित्र स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं थी, बल्कि पूरे सागर शहर, मध्यप्रदेश और भारत देश का मान बढ़ाने वाला पल था।

मिथिलेश कुमार शुक्ला (पुलिस महानिरीक्षक, सागर जोन): आईजी शुक्ला ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि वे जिस क्षेत्र में एसडीओपी के रूप में पदस्थ थे, वहीं क्रांति का परिवार रहता था और उन्हें क्रांति के पिता के साथ काम करने का मौका मिला था। उन्होंने कहा,एक साधारण परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचना पूरे सागर ज़िले और प्रदेश के लिए गर्व की बात है।

शशीन्द्र चौहान (पुलिस उप महानिरीक्षक, सागर): डीआईजी चौहान ने कहा कि खेल युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

अनुराग सुजानिया (पुलिस अधीक्षक, सागर): एसपी सुजानिया ने सुश्री क्रांति की सादगी और नम्रता की प्रशंसा करते हुए कहा,इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों के बाद भी क्रांति की विनम्रता प्रेरणादायी है। यही संस्कार इंसान को वास्तव में महान बनाते हैं।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने क्रांति गौंड के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और नशे से दूरी है जरूरी 2.0 संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे