जबलपुरः लंबित मांगों को लेकर कोटवारों का प्रदर्शन, 31 अक्टूबर से भोपाल में अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
जबलपुर, 26 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में कोटवारों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। जबलपुर में सोमवार को 50 से अधिक कोटवारों ने कलेक्ट्रेट परिसर के सामने धरना-प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
मध्य प्रदेश आजाद कोटवार कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 28 अक्टूबर तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 31 अक्टूबर से भोपाल में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया जाएगा।
संघ के मुताबिक, 18 सितंबर को तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर शासन के सामने अपनी मांगें रखी गई थीं। इनमें कोटवारों को स्थायी शासकीय कर्मचारी घोषित करने, सेवाभूमि या मालगुजार भूमि पर भूमिस्वामी अधिकार देने और वर्दी की राशि पहले की तरह सीधे उनके बैंक खातों में जमा कराने की मांग प्रमुख है।
कोटवार संघ ने वर्दी वितरण में कथित घोटाले की उच्च स्तरीय एजेंसी से जांच कराने तथा दोषी ठेकेदारों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से मांगें उठाने के बावजूद शासन स्तर पर अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
राज्य संगठन के आह्वान पर प्रदेश के सभी जिलों में 22 से 28 अक्टूबर तक शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। संघ के अनुसार, प्रदेश के करीब 38 हजार कोटवार काली पट्टी बांधकर अपने शासकीय कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए विरोध जता रहे हैं।
आंदोलन के अगले चरण में 28 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद भी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में 31 अक्टूबर से भोपाल में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू किया जाएगा।
संघ के मुताबिक, जबलपुर जिले में करीब 1200 कोटवार कार्यरत हैं। संगठन ने स्पष्ट किया है कि सेवा शर्तों और अधिकारों से जुड़ी मांगों पर सरकार के सकारात्मक निर्णय लेने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक