राजगढ़ : लिखित आश्वासन के बाद आठ दिन से जारी किसानों की भूख हड़ताल खत्म

 


राजगढ़, 22 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में सुठालिया सिंचाई परियोजना से प्रभावित किसानों की मुआवजा और पुनर्वास संबंधी मांगों को लेकर आठ दिन से जीन ग्राउंड में चल रही भूख हड़ताल मंगलवार को समाप्त हो गई। जिला प्रशासन की ओर से मांगों के निराकरण को लेकर लिखित आश्वासन मिलने के बाद किसान संघर्ष समिति ने फिलहाल आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया। ब्यावरा एसडीएम गोविंद कुमार दुबे ने अनशन पर बैठे किसानों को जूस पिलाकर उनकी भूख हड़ताल समाप्त कराई।

आंदोलन समाप्त होने से पहले कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने किसानों की मांगों को लेकर वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने किसानों की नौ सूत्रीय मांगों में से अधिकांश का नियमानुसार निराकरण किए जाने का भरोसा दिलाते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की। प्रशासन की ओर से बताया गया कि पहली मांग को छोड़कर बाकी मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई के लिए लिखित आश्वासन दिया गया है। वहीं एक मांग के संबंध में शासन स्तर से निर्णय होने के बाद कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

किसान संघर्ष समिति के नेता और आरटीआई एक्टिविस्ट जयपाल सिंह खींची ने बताया कि किसानों की नौ मांगों में से आठ प्रमुख मांगों पर प्रशासन की ओर से भरोसा दिया गया है। उन्होंने बताया कि किसानों की सबसे प्रमुख मांग चार गुना मुआवजा देने की है। इस मांग पर प्रशासन ने राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजने की बात कही है।

किसानों का कहना है कि सुठालिया सिंचाई परियोजना से प्रभावित परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास के दौरान सामने आई विसंगतियों को दूर किया जाना जरूरी है। उनका कहना है कि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार उनके अधिकार और सुविधाएं मिलनी चाहिए तथा मुआवजा संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।

किसानों की भूख हड़ताल पिछले मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर की मौजूदगी में शुरू हुई थी। जयपाल सिंह खींची सहित नौ किसान अनशन पर बैठे थे। इनमें बुजुर्ग किसान भी शामिल थे। किसानों की मांगों को लेकर शुरू किए गए इस आंदोलन को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह, पूर्व विधायक ममता मीना, रामचंद्र दांगी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह खींची ने भी समर्थन दिया था।

आठ दिन तक चले आंदोलन के दौरान किसान अपनी मांगों को लेकर धरना स्थल पर डटे रहे। प्रशासन की ओर से मांगों पर लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद मंगलवार को किसान संघर्ष समिति ने भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की।

किसानों के आंदोलन के समर्थन में मंगलवार को सुठालिया के व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। व्यापारी धरना स्थल पर भी पहुंचे और किसानों की मांगों का समर्थन किया। बाजार बंद रहने के कारण लोगों को जरूरी सामान खरीदने में परेशानी का सामना करना पड़ा, हालांकि व्यापारियों ने किसानों के समर्थन में दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया।

भूख हड़ताल समाप्त कराने के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सुठालिया सिंचाई परियोजना के कार्यपालन यंत्री जेके ठाकुर और परियोजना का मैदानी अमला भी मौके पर मौजूद रहा। प्रशासन ने किसानों को दिए गए लिखित आश्वासन के अनुसार मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। वहीं चार गुना मुआवजे से जुड़ी मांग पर राज्य शासन के स्तर से निर्णय के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक