कटनी मार्बल को मिलेगी देश-दुनिया में नई पहचान, जीआई टैगिंग के लिए बनेगा मार्बल एसोसिएशन
कटनी, 24 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के कटनी के मार्बल को देश-दुनिया में अलग पहचान दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के तहत ग्राम पंचायत गुदरी में आयोजित उद्यमी संवाद में कलेक्टर आशीष तिवारी ने कटनी मार्बल की ब्रांडिंग को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने और इसकी जीआई टैगिंग की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि कटनी के मार्बल की अपनी विशिष्ट विशेषताएं हैं, जिन्हें व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने की जरूरत है। इसके लिए प्रशासन और मार्बल उद्यमियों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने जिले के मार्बल को देश और दुनिया में पहचान दिलाने के लिए प्रभावी ब्रांडिंग पर जोर देते हुए जीआई टैग हासिल करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
उद्यमी संवाद में पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, वनमंडलाधिकारी गर्वित गंगवार, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, बहोरीबंद एसडीएम श्लोक वायकर सहित उद्योग विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में मार्बल उद्यमी मौजूद रहे।
पहले बनेगा मार्बल एसोसिएशन, फिर जीआई टैग के लिए आवेदन
कलेक्टर आशीष तिवारी ने जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक ज्योति सिंह को निर्देश दिए कि जिले में मार्बल कारोबार से जुड़े सभी उद्यमियों को एक मंच पर लाकर मार्बल एसोसिएशन का गठन कराया जाए। इसके बाद एसोसिएशन का विधिवत पंजीयन कराने की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि एसोसिएशन के गठन और पंजीयन के बाद इसी के माध्यम से कटनी मार्बल के जीआई टैग के लिए आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। कलेक्टर ने उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि जीआई टैगिंग से संबंधित पूरी प्रक्रिया में जिला प्रशासन की ओर से आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
मार्बल उद्योग से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं
उद्यमी संवाद के दौरान मार्बल उद्योग से जुड़े कारोबारियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी कलेक्टर के सामने रखे। उद्यमियों ने माइनिंग के डेडरेंट की दर कम करने की मांग की। इसके साथ ही मार्बल माइंस से निकलने वाले वेस्ट मटेरियल के निस्तारण के लिए ईटीपी की सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
उद्यमियों ने जिले में बनने वाले नए भवनों में कटनी मार्बल के उपयोग को प्रोत्साहित करने की जरूरत भी बताई। उनका कहना था कि स्थानीय स्तर पर कटनी मार्बल और स्टोन के उपयोग को बढ़ावा मिलने से जिले के उद्योग को नई संभावनाएं मिल सकती हैं।
प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की मांग
उद्यमियों ने कटनी स्टोन की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग की सुविधा विकसित होने से उद्योग को मजबूती मिलेगी और स्थानीय उत्पाद को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
बैठक में पावर फीडर से जुड़ी समस्याओं के कारण निर्बाध विद्युत आपूर्ति में आ रही दिक्कतों की जानकारी भी कलेक्टर को दी गई। इसके अलावा ई-खनिज पोर्टल के अपडेशन से जुड़ी समस्या भी उद्यमियों ने सामने रखी।
कलेक्टर ने उद्यमियों द्वारा रखे गए विषयों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उद्योगों से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन और उद्यमियों के बीच लगातार समन्वय जरूरी है।
कई प्रमुख मार्बल उद्यमी रहे मौजूद
उद्यमी संवाद में महाकौशल रिफैक्ट्रीज के संचालक अरविंद गुगालिया, पाल मार्बल से मुकेश पाल, श्री राम मार्बल से श्री तिवारी, समदरिया मार्बल से वेद दुबे, ओजस्वी मार्बल से विपिन तिवारी, शारदा मार्बल से रजनीश और डाल्फिन मार्बल से राकेश सिंह सहित अन्य मार्बल उद्यमी उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन की इस पहल से कटनी के मार्बल उद्योग को संगठित स्वरूप देने के साथ उसकी विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। जीआई टैगिंग के लिए एसोसिएशन के गठन और आवेदन की प्रक्रिया को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश चतुर्वेदी