अनूपपुरः एक साल बाद भी अधूरा कपिलधारा मार्ग, गड्ढों में तब्दील सड़क से रोजाना परेशान हो रहे लोग

 




अनूपपुर, 25 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश की धार्मिक और पर्यटन नगरी अमरकंटक में कपिलधारा मार्ग की बदहाली लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। करीब पांच किलोमीटर से अधिक लंबे इस मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हुए लगभग एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन सड़क अब तक पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी है। निर्माणाधीन सड़क पर जगह-जगह बड़े और गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिनसे होकर गुजरना वाहन चालकों के लिए जोखिम भरा बना हुआ है। लोक निर्माण विभाग ने निर्माण कार्य पांच से छह महीने में पूरा करने का दावा किया था, लेकिन तय अवधि बीतने के बाद भी काम अधूरा है।

कपिलधारा मार्ग अमरकंटक के प्रमुख रास्तों में शामिल है और इसे नगर की जीवनरेखा भी माना जाता है। इस मार्ग पर अमरकंटक का मुख्य अस्पताल स्थित है, जहां मरीजों के साथ उनके परिजन और एंबुलेंस का लगातार आवागमन रहता है। इसके अलावा प्रसिद्ध कपिलधारा जलप्रपात और दुग्धधारा सहित कई धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थल भी इसी मार्ग से जुड़े हैं। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति का सीधा असर स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों पर भी पड़ रहा है।

बारिश में बढ़ जाती है परेशानी

सड़क पर बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने के बाद वाहन चालकों की मुश्किल और बढ़ जाती है। पानी भरने से गड्ढों की गहराई का अनुमान नहीं लग पाता और कई स्थानों पर सड़क और गड्ढे के बीच अंतर करना तक मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों के साथ चार पहिया वाहन और बस चालकों को भी बेहद सावधानी से गुजरना पड़ता है।

अधूरा निर्माण और सड़क पर फैली अव्यवस्था के कारण मार्ग पर यातायात प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण शुरू होने के समय उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी, लेकिन लगभग एक वर्ष बाद भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।

कपिलधारा मार्ग की खराब स्थिति के बीच कुछ महीने पहले इसी सड़क पर एक बाइक सवार युवक की हादसे में मौत भी हो चुकी है। इसके बाद भी सड़क की स्थिति को लेकर लोगों की चिंता बनी हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस मार्ग पर वाहन और बस चलाने वाले चालकों को गड्ढों से बचते हुए काफी सावधानी बरतनी पड़ती है।

सबसे अधिक परेशानी मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस को होती है। खराब सड़क के कारण एंबुलेंस को भी इसी उबड़-खाबड़ रास्ते से गुजरना पड़ता है। ऐसे में सड़क की मौजूदा स्थिति दुर्घटना की आशंका के साथ मरीजों के लिए भी परेशानी का कारण बन रही है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार कपिलधारा मार्ग का निर्माण शुरू होने के दौरान विभाग की ओर से इसे पांच से छह महीने में पूरा करने की बात कही गई थी। लोगों को उम्मीद थी कि तय समय सीमा में सड़क बनकर तैयार हो जाएगी और आवागमन सुगम होगा। लेकिन निर्माण शुरू हुए करीब एक वर्ष बीतने के बावजूद काम पूरा नहीं हुआ है।

लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण लंबे समय से सड़क की स्थिति खराब बनी हुई है। उनका आरोप है कि समस्या के बावजूद निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई जा रही है। इससे स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है और सड़क निर्माण की समयसीमा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

अमरकंटक में पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। कपिलधारा और दुग्धधारा जैसे प्रसिद्ध स्थलों तक पहुंचने के लिए इसी मार्ग का इस्तेमाल किया जाता है। पर्यटन सीजन में वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ सड़क की खराब स्थिति से परेशानी भी बढ़ जाती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अमरकंटक आने वाले पर्यटक यहां के प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक स्थलों का आनंद लेने आते हैं, लेकिन शहर के प्रमुख पर्यटन मार्ग की जर्जर हालत उनके आवागमन को असुविधाजनक बना रही है। अस्पताल और पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग के अधूरे निर्माण से सड़क की गुणवत्ता, काम पूरा होने की समयसीमा और विभागीय निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

लोक निर्माण विभाग अनूपपुर के कार्यपालन यंत्री पीके लारिया ने बताया कि क्षेत्र में लगातार और अधिक बारिश होने के कारण सड़क निर्माण का काम प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि सड़क पर बने गड्ढों की भराई के लिए ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं। विभाग का दावा है कि अब काम में तेजी लाकर दिसंबर तक कपिलधारा मार्ग का निर्माण पूरा कर दिया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला