जबलपुरः एनजीटी के आदेश पर निगम कमिश्नर ने ली संयुक्त बैठक
जबलपुर, 31 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के परिपालन में आयुक्त नगर निगम रामप्रकाश अहिरवार द्वारा रविवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीवर विभाग, नाला निर्माण विभाग, लोक कर्म विभाग, उद्यान विभाग, अतिक्रमण विभाग, तालाब संरक्षण प्रकोष्ठ एवं बिल्डिंग परमीशन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में निगम आयुक्त द्वारा एनजीटी के निर्देशों के अनुरूप जबलपुर शहर के सभी बड़े नालों के दोनों ओर तीन-तीन मीटर चौड़ाई में बफर जोन विकसित कर वृक्षारोपण किए जाने हेतु संबंधित विभागों को विस्तृत सर्वे कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। उद्यान विभाग को निर्देशित किया गया कि मानसून पूर्व सभी प्रमुख नालों के किनारों पर वृक्षारोपण की तैयारी सुनिश्चित की जाए।
आयुक्त ने बिल्डिंग परमीशन विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मध्यप्रदेश गजट नोटिफिकेशन एवं टीएनसीपी मास्टर प्लान के प्रावधानों के अनुसार तालाबों एवं नालों से निर्धारित बफर जोन दूरी का पालन सुनिश्चित करते हुए ही भवन निर्माण अनुमति प्रदान की जाए। साथ ही वर्तमान में नियमों का उल्लंघन कर किए गए निर्माणों का सर्वे कर सूची तैयार करने एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
अतिक्रमण विभाग को निर्देशित किया गया है कि नालों एवं तालाबों के आसपास किए गए अतिक्रमणों की पुनः जांच की जाए तथा यदि नालों के मध्य या जल निकासी में किसी प्रकार का अवरोध पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त तालाबों के 50 मीटर क्षेत्र के भीतर किए गए अवैध निर्माणों को भी अतिक्रमण मानते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सीवर विभाग को निर्देशित किया गया कि शहर में स्थापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों के पश्चात शेष क्षेत्रों हेतु बनाई गई कार्ययोजना को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए प्रभावी कार्य प्रारंभ किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्थान पर कम से कम बिना सेप्टिक टैंक अथवा बिना समुचित सीवेज कनेक्शन के सीधे नालों में गंदा पानी प्रवाहित न हो। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग एवं अतिक्रमण विभाग को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया गया।
आयुक्त नगर निगम जबलपुर ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि शहर में गंदगी फैलाने, अवैध सीवेज निपटान, अतिक्रमण एवं जल संरचनाओं को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर की नदियों, नालों, तालाबों एवं अन्य जल संरचनाओं को संरक्षित एवं सुरक्षित रखना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक