जबलपुरः प्लांट में प्रतिदिन 400 टन कचरे का हो रहा है निष्पादन, बन रही है बिजली
जबलपुर, 14 जनवरी (हि.स.)। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कुंदन ग्रीन एनर्जी द्वारा संचालित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट अब शहर के कचरा प्रबंधन और स्वच्छता अभियान के लिए बहुत ही उपयोगी साबित हो रहा है। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने बताया कि प्लांट में न केवल कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान हो रहा है, बल्कि प्रतिदिन कचरे को जलाकर बिजली भी बनाई जा रही है।
बुधवार को प्लांट की कार्य प्रणाली और प्रगति के संबंध में निगमायुक्त ने समीक्षा की और कम्पनी के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि अप्रैल तक परिसर में जमा सभी कचरों का वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन करने संबंधी कार्यवाही सुनिश्चित करें। इसके लिए उन्होंने दिन-रात प्लांट चालू कर कचरे को जलाने और बिजली उत्पादन करने के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इस अवसर पर कम्पनी के द्वारा किये जा रहे कार्यो की निगमायुक्त ने सराहना की और प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि और अधिक क्षमता के साथ कार्यो में प्रगति लाएं ताकि शहर को साफ-स्वच्छ रखने के अभियान को चार चॉंद लग सकें।
समीक्षा बैठक के दौरान निगमायुक्त ने बताया कि वर्तमान में इस प्लांट में प्रतिदिन 400 टन कचरे का निष्पादन किया जा रहा है, जिससे बिजली का उत्पादन शुरू हो चुका है। कुंदन ग्रीन एनर्जी द्वारा संचालित इस प्लांट की कुल क्षमता 800 टन कचरा प्रतिदिन जलाने की है। उन्होंने बताया कि भविष्य में जैसे-जैसे कचरे का कलेक्शन बढ़ेगा, यह प्लांट शहर को शत-प्रतिशत ’कचरा मुक्त’ बनाने में सक्षम होगा।
निगमायुक्त द्वारा प्लांट के कार्यों और प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान उन्होंने बिजली उत्पादन और कचरा निष्पादन के कार्य को निर्बाध रखने के लिए प्लांट को दिन-रात चलाने के निर्देश दिये। पर्यावरण मानकों का पालन करते हुए कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान सुनिश्चित करना।
निगमायुक्त ने बताया कि नगर निगम केवल घरेलू कचरे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि निर्माण और विध्वंस से निकलने वाले मलबे का भी रचनात्मक उपयोग कर रहा है। शहर की सड़कों और घरों से निकलने वाले पत्थर, ईंट और मलबे को री-सायकल करके अब सुंदर गमले और पेवर ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। इन उत्पादों का उपयोग शहर के स्थायी सौंदर्यीकरण कार्यों में किया जाएगा।
निगमायुक्त ने बैठक के दौरान अमृत योजना फेस-2 के तहत चल रहे कार्यो को भी गति के साथ पूर्ण कराने तथा स्वच्छता और जल प्रबंधन के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश।
निगमायुक्त अहिरवार ने स्वच्छता मापदंडों के अनुरूप शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थायी रूप से सौंदर्यीकरण कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। इससे न केवल सड़कों के किनारे पड़े रहने वाले मलबे से मुक्ति मिलेगी, बल्कि निगम को निर्माण सामग्री के लिए बाहरी संसाधनों पर निर्भरता भी कम होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक