जीतू पटवारी ने प्रदेश की गेहूं खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए सरकार पर बोला तीखा हमला

 


भोपाल, 29 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की गेहूं खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खरीदी तंत्र पूरी तरह चरमरा गया है और किसान भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

जीतू पटवारी ने बुधवार काे मीडिया काे जारी अपने बयान में आरोप लगाया कि मोहन सरकार पहले खरीदी की तारीखें बढ़ाकर और अब स्लॉट बुकिंग की तिथियां आगे खिसकाकर किसानों को भ्रमित कर रही है। वास्तविकता यह है कि पूरी व्यवस्था असफल हो चुकी है और इसका सीधा खामियाजा अन्नदाता भुगत रहा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले ही आशंका जताई थी कि धीमी गति से चल रही खरीदी व्यवस्था के चलते सरकार अपने 100 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को पूरा करने में लगभग 140 दिन लगा देगी। जबकि प्रदेश में करीब 245 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन के अनुमान के बावजूद सरकार ने लक्ष्य उससे आधा तय किया है, जो किसानों के साथ अन्याय है।

पटवारी ने कहा कि किसानों को स्लॉट बुकिंग में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सर्वर की धीमी गति, वेबसाइट का बार-बार बंद होना, पुनः सत्यापन के संदेश और समय पर तुलाई न होने जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही का सीधा असर छोटे और सीमांत किसानों पर पड़ रहा है।

एमएसपी खरीदी में बड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि भिंड, मुरैना और राजगढ़ जिलों में ऐसे लोगों के नाम पर पंजीयन किया गया है, जिनके पास जमीन ही नहीं है। असली किसानों की जमीन का दुरुपयोग कर फर्जी पंजीयन किए गए हैं, जिससे करोड़ों रुपये की हेराफेरी की आशंका है। उन्होंने इसे प्रशासनिक मिलीभगत का परिणाम बताया।

उन्होंने कहा कि सरकार 2625 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद रही है, जबकि मंडियों में 2000 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है। खरीदी में देरी के कारण बाजार भाव और भी नीचे गिर रहा है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। भंडारण की कमी के कारण किसान मजबूरी में कम दाम पर अनाज बेचने को विवश हैं।

पीसीसी चीफ पटवारी ने यह भी कहा कि तीसरी फसल मूंग की खरीदी को लेकर सरकार ने अब तक कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई है, जिससे मूंग उत्पादक किसान असमंजस में हैं और उनकी आय प्रभावित हो रही है। उन्होंने विदिशा जिले में किसान गोविंद गुर्जर की मौत का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनका शव रेलवे ट्रैक पर मिलना अत्यंत दुखद और गंभीर है। मृतक द्वारा बनाए गए वीडियो में पूर्व विधायक और भाजपा नेता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जो कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं।

पटवारी ने मांग की कि गेहूं खरीदी व्यवस्था को तत्काल सुधारा जाए, स्लॉट बुकिंग प्रणाली को दुरुस्त किया जाए, छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाए, मूंग खरीदी पर तुरंत निर्णय लिया जाए और एमएसपी फर्जीवाड़े की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही किसान गोविंद गुर्जर मामले की न्यायिक जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय और सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई लगातार जारी रखेगी और किसी भी स्तर पर अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे