राजगढ़ः जिले में मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर, सड़के हुई जलमग्न
राजगढ़, 10 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में रविवार से शुरू हुई तेज बारिश सोमवार को भी जारी रही। लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न हो गईं।
भारी बारिश के चलते ब्यावरा में अजनार नदी का पानी छोटे पुल के ऊपर से बहने लगा। शहर के कुछ निचले रिहायशी इलाकों में भी पानी भर गया, हालांकि प्रशासन ने समय रहते पानी की निकासी कर दी। खजूरिया मार्ग स्थित रेलवे अंडरपास में पानी भरने से कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया। बारिश के कारण खुजनेर के समीप चिल्डावनिया में सड़क पर तेज बहाव आ गया। यहां एक कार पानी के बीच फंस गई। वहीं खिलचीपुर क्षेत्र में गाड़गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता रहा।
हालात का जायजा लेने कलेक्टर डॉ. गिरीशकुमार मिश्रा और पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी बारिश के बीच खुजनेर और खिलचीपुर पहुंचे। गाड़गंगा नदी के बीच स्थित जलमंदिर में अचानक पानी बढ़ने से छह श्रद्धालु फंस गए। पानी बढ़ते-बढ़ते उनके गर्दन तक पहुंच गया। सूचना मिलते ही एसपी अमित तोलानी रेस्क्यू टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने भंवर और तेज बहाव के बीच फंसे सभी छह श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। खुजनेर में सड़क पर पानी भरने से नाव के जरिए राहत और बचाव कार्य किया गया। सारंगपुर क्षेत्र के पाड़ाना बायपास में झिरी नाले के पास एक ईको कार पानी के तेज बहाव में बह गई।
बताया गया कि देवास जिले के सतवास क्षेत्र के 11 लोग कार में सवार थे। हादसे में तीन लोगों को निकाल लिया गया, जबकि आठ लोगों के बहने की सूचना है। एसडीईआरएफ की रेस्क्यू टीम लापता लोगों की तलाश में जुटी है।
दो दिन से हो रही लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया है। सावन में पहली बार हुई लगातार बारिश से किसानों को राहत मिली है। ब्यावरा में 1 जून से अब तक करीब 11.99 इंच बारिश दर्ज हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 69.61 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में राजगढ़ जिले में करीब आठ इंच तक बारिश होने की संभावना जताई है।
अत्यधिक बारिश को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर सोमवार को जिले में संचालित कक्षा नर्सरी से कक्षा 12 वीं तक के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है, साथ ही जिले की सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया। इस दिन हितग्राहियों को केंद्र पर नहीं बुलाया जाएगा, जबकि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं उपस्थित रहकर रिकॉर्ड संधारण और विभागीय कार्य करेंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक