जीतू पटवारी ने सुगम परिवहन सेवा पर उठाए सवाल, बसों की उम्र, फिटनेस और सुरक्षा पर मांगा जवाब
भोपाल, 25 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बसों की उम्र, फिटनेस, सुरक्षा और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सरकार से सवाल किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरानी बसों की डेंटिंग-पेंटिंग और रंग-रोगन कर उन्हें नई बसों के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। सरकार की ओर से सेवा को आधुनिक और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में कदम बताया गया है।
जीतू पटवारी ने शुक्रवार काे मीडिया काे जारी बयान में कहा कि नई परिवहन सेवा की शुरुआत सकारात्मक कदम है, लेकिन सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सड़कों पर उतारी जा रही बसों की वास्तविक स्थिति क्या है। उनके अनुसार केवल रंग-रोगन या डेंटिंग-पेंटिंग से पुरानी बस नई नहीं हो जाती। उन्होंने बसों की फिटनेस, रखरखाव और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मानकों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में लंबे समय से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं और करीब 21 साल बाद सरकारी बस सेवा नए स्वरूप में शुरू हो रही है। ऐसे में सरकार को पुरानी व्यवस्था की कमियों की जिम्मेदारी लेने के साथ नई सेवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करनी चाहिए।
बसों के रंग की जगह सुरक्षा पर हो चर्चा
पीसीसी चीफ पटवारी ने बसों के रंग को लेकर चल रही बहस पर कहा कि असली मुद्दा बस का रंग नहीं, बल्कि उसकी उम्र, फिटनेस और यात्रियों की सुरक्षा है। उन्होंने सरकार से पूछा कि बसों की फिटनेस किस प्रक्रिया से सुनिश्चित की गई है और यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्थाएं की गई हैं। सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक नई सेवा में बसों में जीपीएस और पैनिक बटन जैसी सुविधाएं शामिल की जा रही हैं। सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को चरणबद्ध तरीके से विस्तार देने तथा आने वाले वर्षों में बसों की संख्या बढ़ाने की योजना भी बताई है।
25 साल की भाजपा सरकार पर उठाए सवाल
जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में लंबे समय तक भाजपा की सरकार रही है, इसलिए परिवहन व्यवस्था की मौजूदा स्थिति के लिए सरकार को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पिछली परिवहन सेवाओं में कमियां रहीं तो उनके लिए तत्कालीन सरकार के फैसलों और नीतियों की भी समीक्षा होनी चाहिए। सुगम सेवा के बंद होने का जिक्र करते हुए पटवारी ने इसका राजनीतिक दायित्व पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर डालते हुए कहा कि नई व्यवस्था शुरू करने के साथ पुरानी व्यवस्था की कमियों की जिम्मेदारी भी स्वीकार की जानी चाहिए।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी केंद्र से जवाब मांगा
जीतू पटवारी ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के पुराने बयानों का उल्लेख करते हुए पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि आम लोगों को ईंधन की कीमतों में राहत से जुड़ी पुरानी उम्मीदों पर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
चुनाव आयोग और ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर भी बोले
जीतू पटवारी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि भाजपा चुनावी लाभ के लिए चुनाव आयोग को माध्यम के रूप में इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी अनियमितताओं के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। ‘वोट चोरी’ की बहस का जिक्र करते हुए पटवारी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब जनता के सामने आना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपने राजनीतिक आरोप दोहराते हुए मामले की जांच की मांग की। पटवारी ने कहा कि सरकार को सुगम परिवहन सेवा शुरू करने के साथ यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और भरोसेमंद परिवहन मिले। उनके अनुसार केवल प्रचार और विज्ञापन पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि नई व्यवस्था की गुणवत्ता और जवाबदेही भी स्पष्ट होनी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे