राजगढ़ः जनप्रतिनिधियों-अधिकारियों ने जनविश्वास शिविर में सुनीं नागरिकों की समस्याएं
राजगढ़, 23 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को खिलचीपुर में शिविर आयोजित किया गया। इसमें विधायक हजारीलाल दांगी, विधायक अमर सिंह यादव, कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा और पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी मौजूद रहे।
शिविर में कलेक्टर ने लोगों की समस्याएं और शिकायतें सुनकर संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का नियमानुसार और समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए।
विधायक दांगी ने कहा कि मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान का उद्देश्य अधिकारियों और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित कर समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना है। विधायक यादव ने भी पात्र हितग्राहियों तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।
कलेक्टर ने बताया कि राजगढ़ जिला मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान और स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। उद्यमी को 6 लाख, संबल योजना में चार हितग्राहियों को 2-2 लाख शिविर में उद्यम संवाद के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से चर्चा की गई।
उद्योग विभाग की उद्यम क्रांति योजना के तहत रोहित सेन को 6 लाख रुपये का हितलाभ दिया गया। संबल योजना के अंतर्गत बल्लभ बाई, मांगुबाई सौंधिया, पूजा और कमल कुंवर को 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। रामबाबू, धापूबाई और पूजा का संबल योजना में पंजीयन भी किया गया। लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत अल्शिफा, आयशा, पार्थवी, हत्रिका और हिमांशी को प्रमाण पत्र दिए गए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अनीता, यश, सत्तार खां, अलवीरा, मनोहर सिंह और कैलाश को फूड बास्केट वितरित की गई। वहीं, कक्षा पहली के नौ विद्यार्थियों को बैग दिए गए।शिविर के बाद कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने खिलचीपुर अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने इंडेंट रजिस्टर, आवश्यक दवा सूची, ओपीडी रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की जांच की।जांच के दौरान इंडेंट रजिस्टर और आवश्यक दवा सूची समय पर अपडेट नहीं मिलने पर कलेक्टर ने असंतोष जताया। ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टॉक में अंतर मिलने पर फार्मासिस्ट आर.डी. साहू से स्पष्टीकरण मांगा। साथ ही स्टॉक में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को दवाओं के स्टॉक का रिकॉर्ड से मिलान करने, आवश्यक दवा सूची और इंडेंट रजिस्टर नियमित अपडेट रखने तथा अस्पताल के सभी अभिलेख व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ डॉ. शेख जलालुद्दीन और बीएमओ डॉ. कमल दांगी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक