मध्य प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में तीन दिन मनेगी जन्माष्टमी, एक सितंबर से होंगे विशेष आयोजन
भोपाल, 24 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व तीन दिन तक सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों के साथ मनाया जाएगा। लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश के सभी जिलों के लिए दिशा-निर्देश जारी करते हुए 1 से 3 सितंबर तक विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य पर्व 4 सितंबर को मनाया जाएगा और इस दिन स्कूलों में अवकाश रहेगा।
निर्देशों के अनुसार तीन दिवसीय आयोजन के दौरान विद्यार्थियों के लिए भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, व्यक्तित्व और आदर्शों पर आधारित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें कृष्ण लीला का मंचन, नाटक, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल होंगी। विद्यार्थियों को श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान और श्रीकृष्ण के जीवन मूल्यों से परिचित कराने के लिए विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
स्कूलों में भाषण और निबंध प्रतियोगिताओं के साथ भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहलुओं पर व्याख्यान भी होंगे। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ना बताया गया है।
सांदीपनि विद्यालयों में गुरु-शिष्य परंपरा पर आयोजन
प्रदेश के सांदीपनि विद्यालयों में जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन विद्यालयों में गुरु-शिष्य परंपरा पर केंद्रित व्याख्यान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। विशेषज्ञों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े सामाजिक और सांस्कृतिक पक्षों पर विद्यार्थियों को जानकारी दी जाएगी।
लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिलों को स्कूलों में जन्माष्टमी के आयोजन के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। पिछले कुछ वर्षों से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में जन्माष्टमी को विशेष रूप से सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से मनाया जा रहा है।
इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का मुख्य पर्व चार सितंबर को मनाया जाएगा। पर्व के दिन विद्यालयों में अवकाश रहेगा, जबकि एक से तीन सितंबर तक विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके आदर्शों से परिचित कराया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा