राजगढ़ः जल गंगा संवर्धन अभियान में जिले में 1.01 लाख से अधिक कार्य, प्रदेश में टॉप-7 और संभाग में पहला स्थान
राजगढ़, 29 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के उद्देश्य से 19 मार्च से 30 जून तक संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान में राजगढ़ जिले ने प्रदेशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है।
अभियान के दौरान जिले में 61 प्रकार की गतिविधियों के तहत 1 लाख 1 हजार 402 कार्य पूरे किए गए, जिन पर 250 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई। प्रभावी क्रियान्वयन और जनभागीदारी के दम पर राजगढ़ को प्रदेश की रैंकिंग में टॉप-7 तथा भोपाल संभाग में प्रथम स्थान हासिल हुआ है।
कलेक्टर डॉ. गिरीशकुमार मिश्रा के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ डॉ. इच्छित गढ़पाले के मार्गदर्शन में विभिन्न विभागों ने समन्वित रूप से अभियान को सफल बनाया। इस दौरान खेत-तालाब निर्माण, कूप रिचार्ज, रिचार्ज शाफ्ट, मैजिक पिट, तालाबों एवं ऐतिहासिक बावड़ियों का जीर्णोद्धार, वर्षा जल संचयन, नदी घाटों की सफाई, सार्वजनिक नलों पर टोंटी लगाना, पेयजल टंकियों की सफाई, जल मंदिरों की स्थापना, पौधरोपण, जल जागरूकता रैलियां और प्रतियोगिताओं सहित अनेक गतिविधियां आयोजित की गईं।
अभियान में सबसे अधिक योगदान ग्रामीण विकास विभाग का रहा, जिसने 78 हजार 868 कार्य पूरे किए। इसके अलावा वन विभाग ने 13 हजार 502, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 3 हजार 80, नगरीय विकास विभाग ने 2 हजार 828, जन अभियान परिषद ने 774 तथा उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने 806 कार्य पूर्ण किए। अन्य विभागों ने भी अपने निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति करते हुए अभियान को गति दी।
जिले में यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। अभियान के परिणामस्वरूप जल स्रोतों के संरक्षण, भू-जल संवर्धन और वर्षा जल संचयन की दिशा में मजबूत आधार तैयार हुआ है। प्रशासन का मानना है कि राजगढ़ का यह मॉडल प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायी उदाहरण साबित होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक