जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से खुलेंगे विकास के नए रास्ते: हेमंत खंडेलवाल
भोपाल, 15 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने और इसके लिए 100 करोड़ रुपए की प्रारंभिक अंशपूंजी से विशेष प्रयोजन कंपनी (एसपीवी) के गठन को मंत्रि-परिषद की मंजूरी मिलने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताया है। उन्होंने इस फैसले को प्रदेश में औद्योगिक विकास, निवेश विस्तार और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि यह कॉरिडोर महाकौशल, मध्यभारत और मालवा-निमाड़ अंचल में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के साथ प्रदेश के संतुलित विकास में अहम भूमिका निभा सकता है। इससे औद्योगिक अधोसंरचना मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
सात जिलों में विकसित होंगे औद्योगिक हब
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सात जिलों में विश्वस्तरीय औद्योगिक हब विकसित करने की योजना से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है। सरकार का लक्ष्य निवेश को प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाना और युवाओं को अपने ही जिले या आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि मार्च 2028 तक एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आकर्षित करने और करीब तीन लाख प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के पूर्ण विकास के बाद तीन लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश और छह लाख से ज्यादा रोजगार के अवसरों की संभावना जताई गई है।
मालवा-निमाड़ के उद्योगों को मिलेगा लाभ
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि कॉरिडोर से देवास और पीथमपुर जैसे स्थापित औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर संपर्क और समन्वय का लाभ मिल सकता है। विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, वेयरहाउसिंग, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, होटल और खुदरा व्यापार जैसे क्षेत्रों में गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय उद्यमियों, व्यापारियों, किसानों और युवाओं के लिए अवसर पैदा हो सकते हैं।
भोपाल में तकनीक और नवाचार पर जोर
उन्होंने कहा कि भोपाल को ज्ञान, उच्च प्रौद्योगिकी और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना भी महत्वपूर्ण है। इसके तहत सूचना प्रौद्योगिकी, आईटी आधारित सेवाओं, इलेक्ट्रॉनिक्स, अनुसंधान एवं विकास जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक क्लस्टर विकसित होने से युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इससे शिक्षा, तकनीक और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।
हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इंडस्ट्रियल कॉरिडोर प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों के विस्तार और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे