उज्जैनः इस्कान की रथ यात्रा गुरुवार को, तीन रथ  में विराजीत होंगे भगवान

 


उज्जैन, 15 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में इस्कान द्वारा गुरूवार को इंदिरा नगर चौराहे से जगन्नाथ रथयात्रा निकाली जाएगी। इसका संयुक्त आयोजन संस्कृति विभाग, विक्रमादित्य शोधपीठ और इस्कॉन कर रहा है।

इस दौरान शहर के 100 विभिन्न स्थानों पर समरसता महापर्व भी मनाया जाएगा। रथ यात्रा शहर के प्रमुख मार्गो से होकर सम्राट विक्रमादित्य शोधपीठ परिसर पहुंचेगी। गुरूवार संध्या को इस्कान में भण्डारा भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव को राि यात्रा में आमंत्रित किया गया है। इस्कॉन के उपाध्यक्ष महामन महाराज, त्रिदंडी संन्यासी भक्ति प्रेम स्वामी और संस्कृति विभाग के सलाहकार श्रीराम तिवारी के निर्देशन में यह आयोजन होगा।

तीन अलग-अलग रथों में विराजेंगे भगवानगुरूवार को जगन्नाथ रथयात्रा में तालध्वज रथ में भगवान बलभद्र, दर्पदलन रथ में माता सुभद्रा और नंदी घोष रथ में जगन्नाथ स्वामी ऐसे तीन अलग-अलग रथों में विराजीत होंगे। दोपहर 1.30 बजे इंदिरा नगर चौराहे पर पूजन होगा। पूजन पश्चात दोपहर 2 बजे से श्रद्धालु रथ को अपने हाथों से खींचना प्रारंभ करेंगे। चल समारोह में सबसे आगे भगवान बलभद्र, उनके पीछे सुभद्रा महारानी और सबसे अंत में जगन्नाथ स्वामी का रथ रहेगा। यात्रा इंदिरा नगर चौराहे से बीमा चौराहा,कोयला फाटक, चरक अस्पताल के सामने से होकर चामुण्डा माता मंदिर चौराहा आएगी। यहां से फ्रीगंज ओव्हर ब्रिज, घण्टाघर चौक, तीन बत्ती चौराहा होकर देवास रोड होते हुए शाम 6.30 बजे महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ पहुंचेगी। रथ यात्रा में ढोल-ताशे, बग्घी-घोड़े, कीर्तन मंडलियां और जनजातीय समूहों के नृत्य दल आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इसी दिन संध्या में इस्कॉन मंदिर में 10 हजार श्रद्धालुओं का भंडारा होगा।

ढाई लाख रु. में तैयार हुई पोशाकरथ यात्रा हेतु भगवान की नई पोशाक तैयार करने के लिए इस वर्ष बंगार से 10 कारीगर विशेष रूप से बुलवाए गए थे। इन्होने रेशमी वस्त्रों से पोशाक तैयार की है। तीनों पोशाक पर धार्मिक प्रतिकों का सुंदर चित्रण किया गया है।

सात दिन गुंडीचा मंदिर में करेंगे विश्रामइस्कान के जनसंपर्क अधिकारी राघव दास पण्डित ने बताया कि रथयात्रा के समापन के बाद भगवान सात दिनों तक महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ परिसर में बने अस्थायी गुंडीचा मंदिर में निवास करेंगे। यहां प्रतिदिन आरती, छप्पन भोग और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। अंतरराष्ट्रीय कथावाचक कृष्णकिशोर भगवान जगन्नाथ की कथा सुनाएंगे। परिसर में ही 20 जुलाई को श्वेता जोशी की भजन संध्या होगी। वहीं 24 जुलाई की शाम रथ यात्रा वापसी के लिए निकलेगी और महानंदा नगर, बिरला अस्पताल होते हुए इस्कॉन मंदिर पहुंचेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्‍वेल