निवेश के दावों और 230 करोड़ रूपये के खर्च पर श्वेतपत्र जारी करे सरकार : जीतू पटवारी

 


-कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उठाए सवाल

भोपाल, 04 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के दावे को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने बुधवार काे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर निवेश प्रस्तावों की वास्तविक स्थिति और निवेश आकर्षित करने के लिए किए गए सरकारी खर्च का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है।

पटवारी ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 30.77 लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्तावों का आंकड़ा प्रस्तुत किया था। सरकार ने इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रचारित किया, लेकिन अब यह स्पष्ट होना चाहिए कि इनमें से कितना निवेश वास्तव में प्रदेश में आया और कितनी परियोजनाएं जमीन पर उतर सकीं।

जीतू पटवारी ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि मार्च 2024 से नवंबर 2025 के बीच निवेश आकर्षित करने और उसके प्रचार-प्रसार पर करीब 230 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इनमें निवेश सम्मेलनों पर 186.64 करोड़, मुख्यमंत्री की तीन विदेश यात्राओं पर लगभग 34 करोड़ और नौ शहरों में आयोजित बैठकों पर 9.05 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, भोपाल में आयोजित दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट पर करीब 82 करोड़ रुपये खर्च किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने बड़े खर्च के बाद प्रदेश को वास्तविक निवेश, औद्योगिक परियोजनाओं और रोजगार के रूप में क्या हासिल हुआ?

निवेश प्रस्तावों की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने निवेश प्रस्तावों की सूची में शामिल कंपनियों और उनके वित्तीय दावों के सत्यापन पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि निवेश की इच्छा जताने और वास्तव में पूंजी निवेश होने के बीच बड़ा अंतर है। ऐसे में सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि प्रस्तावों की जांच किस स्तर पर की गई और उनकी वित्तीय विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई।

पटवारी ने मुख्यमंत्री से पांच प्रमुख बिंदुओं पर जवाब मांगा है। इनमें 30.77 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों में से अब तक प्रदेश में आए वास्तविक निवेश, जमीन पर उतरी परियोजनाओं और उत्पादन शुरू करने वाले उद्योगों की संख्या शामिल है। इसके अलावा उन्होंने निवेशकों और उनकी वित्तीय क्षमता के सत्यापन की प्रक्रिया, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों तथा सरकारी खर्च के अनुपात में मिले परिणामों का ब्योरा मांगा है।

उन्होंने यह भी जानना चाहा है कि मुख्यमंत्री की विदेश यात्राओं और देश के विभिन्न शहरों में आयोजित रोड शो से कितने निवेशक मध्य प्रदेश में निवेश के लिए आगे आए और कितनी परियोजनाओं में वास्तव में पूंजी लगी। निवेश के माध्यम से रोजगार देने के दावों पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए वास्तविक रूप से स्थायी रोजगार पाने वाले युवाओं की संख्या सार्वजनिक करने की मांग की है।

श्वेतपत्र जारी कर खर्च का हिसाब दे सरकार

जीतू पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश को भव्य निवेश सम्मेलनों और प्रचार अभियानों के बजाय ऐसे उद्योगों की जरूरत है, जो धरातल पर उतरें और युवाओं को रोजगार दें। उन्होंने मांग की कि सरकार 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर श्वेतपत्र जारी करे। इसमें प्रत्येक प्रमुख निवेश प्रस्ताव, निवेशक की पहचान, परियोजना की वर्तमान स्थिति, वास्तविक पूंजी निवेश और उससे मिले रोजगार का प्रमाणिक विवरण शामिल किया जाए।

उन्होंने समिट, विदेश यात्राओं, रोड शो और प्रचार-प्रसार पर खर्च हुए करीब 230 करोड़ रूपये का मदवार हिसाब सार्वजनिक करने तथा निवेश प्रस्तावों के सत्यापन की स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग की। पटवारी के अनुसार, यदि जांच में लापरवाही या सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि निवेश के आंकड़ों को उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं होती। इसके लिए जरूरी है कि निवेश प्रस्ताव वास्तविक परियोजनाओं में बदलें, उद्योगों में उत्पादन शुरू हो और स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को अब एक और निवेश सम्मेलन की घोषणाओं से ज्यादा पिछले सम्मेलनों के परिणामों और उन पर हुए सरकारी खर्च का हिसाब चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे