सागर में हुआ स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन; 18-19 अप्रैल को होगा बड़ा महिला सम्मेलन
सागर, 08 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर में रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय (गर्ल्स डिग्री कॉलेज) में एक गरिमामयी संगोष्ठी और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम संपन्न हुआ। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सागर शाखा और कॉलेज प्रशासन के इस संयुक्त प्रयास का उद्देश्य युवा छात्राओं को उनके स्वास्थ्य अधिकारों और सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करना था।
वर्ष 2026 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि अब समय केवल कागजी अधिकारों का नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने का है। इस वर्ष का उत्सव विशेष रूप से न्याय, समावेशी समाज और महिलाओं के स्वास्थ्य अधिकारों पर केंद्रित रहा। इसी कड़ी में आईएमए द्वारा 18 और 19 अप्रैल को 'महिला सशक्तिकरण एवं स्वास्थ्य' पर एक वृहद सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जिसकी रूपरेखा का शुभारंभ भी आज किया गया।
मुख्य वक्ता डॉ. तल्हा साद ने किशोरियों में बढ़ती एनीमिया (खून की कमी) की समस्या पर चिंता व्यक्त की। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु:
* आंकड़े: भारत में लगभग 50-60% किशोरियां एनीमिया से प्रभावित हैं।
• प्रभाव: इसके कारण थकान, कमजोरी और एकाग्रता में कमी आती है, जिससे शिक्षा प्रभावित होती है।
• समाधान: डॉ. साद ने आयरन और फोलिक एसिड की कमी को दूर करने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें और गुड़ को नियमित आहार में शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि विटामिन-C युक्त फल आयरन के अवशोषण में मदद करते हैं।
संगोष्ठी में मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं और सामाजिक भ्रांतियों पर भी खुलकर चर्चा हुई। डॉ. साद ने स्वच्छता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा:
• स्वच्छता: हर 4-6 घंटे में सेनेटरी पैड बदलें और संक्रमण से बचने के लिए उचित सफाई रखें।
• सरकारी योजनाएं: 'मासिक धर्म स्वच्छता योजना' (MHS) के तहत मिलने वाले किफायती पैड्स का लाभ उठाएं।
• जागरूकता: मेनोरेजिया (अत्यधिक रक्तस्राव) और डिसमेनोरिया (दर्द) जैसी समस्याओं पर चुप्पी तोड़कर चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है।
बदलते दौर में छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा करते हुए बताया गया कि शैक्षणिक दबाव और सोशल मीडिया के कारण चिंता व अवसाद (Depression) के मामले बढ़ रहे हैं। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (RKSK) के अंतर्गत किशोर अनुकूल स्वास्थ्य क्लीनिक (AFHC) में मिलने वाली गोपनीय परामर्श सुविधाओं के बारे में छात्राओं को जानकारी दी गई।
इस सफल आयोजन में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद तिवारी, डॉ. प्रहलाद सिंह, विभिन्न विभागों के शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में सभी ने महिला स्वास्थ्य और अधिकारों के संरक्षण का संकल्प लिया।
एनीमिया मुक्त भारत के लिए संतुलित आहार और साप्ताहिक आयरन-फोलिक एसिड गोली (WIFS) का सेवन एक प्रभावी कदम है। - डॉ. तल्हा साद
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे