अनूपपुर: लौटते मानसून और चक्रवात से दिनभर होती रही रूक-रूक कर बारिश
अनूपपुर, 24 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में लगातार दूसरे दिन गुरुवार को लौटते मानसून और बंगाल की खाड़ी के चक्रवाती प्रभाव से दिनभर रुक-रुककर बारिश हुई। शाम को गरज के साथ तेज बारिश हुई, जिससे मौसम में ठंडक घुल गई। अनूपपुर जिला मुख्यालय के साथ जैतहरी, कोतमा, दैखल, राजेंद्रग्राम और अमरकंटक क्षेत्र पानी से तर- बतर हो गया। पिछले 24 घंटे में जिले में औसत 6.9 मिमी बारिश दर्ज की गई।
तहसील स्तर पर बारिश के आंकड़े
अधीक्षक भू-अभिलेख अनूपपुर प्रदीप मोगरे ने बताया कि अनूपपुर में 9.6 मिमी, कोतमा में 17.0 मिमी, पुष्पराजगढ़ में 11.0 मिमी, अमरकंटक में 5.0 मिमी और बेनीबारी में 12.4 मिमी बारिश हुई। जिले में 1 जून से अब तक कुल 1062.0 मिमी औसत बारिश दर्ज की जा चुकी है। पिछले साल इसी अवधि में 1012.07 मिमी बारिश हुई थी। इस तरह, इस साल पिछले साल के मुकाबले 50 मिमी ज्यादा बारिश हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश की चेतावनी दी थी। अधीक्षक भू-अभिलेख के अनुसार, अनूपपुर और आसपास के इलाकों में मानसून सक्रिय है। स्थानीय मौसम तंत्र और नमी वाली हवाओं के कारण बारिश हो रही है। अगले दो-तीन दिन भी ऐसी ही स्थिति रहने की संभावना है। कृषि विभाग ने इस बारिश को खरीफ की फसलों के लिए फायदेमंद बताया है।
अनूपपुर की पर्यटन नगरी अमरकंटक में गुरुवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश हुई। इससे मौसम में ठंडक आ गई। आसमान में काले बादल छाए रहे और ठंडी हवाएं चलीं। दिनभर सूरज नहीं दिखा। पिछले एक हफ्ते से क्षेत्र में रुक-रुककर बारिश हो रही है, जिससे सड़कों और बाजारों में चहल-पहल कम रही।
वहीं पवित्र नगरी अमरकंटक अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और मनोहारी पर्वतीय वातावरण के लिए जानी जाती है। ऐसे में बारिश के बाद यहां का प्राकृतिक परिवेश और भी आकर्षक हो उठा। बादलों से घिरी पहाड़ियां, ठंडी हवाएं और वर्षा से निखरा वातावरण नगर की प्राकृतिक छटा को एक अलग ही स्वरूप प्रदान करते नजर आए। मौसम में आई ठंडक से स्थानीय लोगों सहित यहां आने वाले पर्यटकों को भी सुहावने वातावरण का अनुभव हुआ।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला