इंदौर: संबल योजना की सहायता राशि दिलाने के नाम पर वार्ड प्रभारी पांच हजार रुपये लेते गिरफ्तार

 


इंदौर, 23 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने गुरूवार को संबल योजना की सहायता राशि स्वीकृत कराने के एवज में रिश्वत लेने के आरोप में नगर निगम की एक वार्ड प्रभारी को पांच हजार रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई गुरुवार को भंवरकुआ क्षेत्र में की गई।

लोकायुक्त पुलिस के अनुसार ग्राम लिंबोदी निवासी आशीष चौधरी ने 17 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके पिता के निधन के बाद संबल योजना के तहत मिलने वाली दो लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत कराने के लिए नगर निगम के जोन क्रमांक-13 की वार्ड प्रभारी मास्टरकर्मी संध्या पथरोड तथा वार्ड प्रभारी सहायक हरभजन सिंह सलूजा रिश्वत की मांग कर रहे हैं।

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देशन में मामले का सत्यापन कराया गया। जांच में शिकायत सही पाई गई। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपितों ने शुरुआत में 20 हजार रुपये की मांग की थी, जिसे बाद में 15 हजार रुपये में तय किया गया। यह राशि तीन किस्तों में लेने की सहमति बनी थी।

सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई। निरीक्षक प्रतिभा तोमर के नेतृत्व में टीम ने भंवरकुआ क्षेत्र स्थित दीनदयाल गार्डन के पीछे जाल बिछाया। पूर्व निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता पहली किस्त के रूप में पांच हजार रुपये लेकर पहुंचा। जैसे ही वार्ड प्रभारी संध्या पथरोड ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, मौके पर मौजूद लोकायुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।

लोकायुक्त पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में दूसरे आरोपित की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा