इंदौरः सयाजी होटल की खाद्य अनुज्ञप्ति निलंबित, किचन सील
- खाद्य सुरक्षा प्रशासन की अन्य प्रतिष्ठानों पर भी सघन कार्रवाई
इंदौर, 21 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में प्रसिद्ध होटल सयाजी में खाद्य प्रशासन द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान मिली अनियमितताओं के चलते शुक्रवार को खाद्य अनुज्ञप्ति निलंबित कर दी गई। साथ ही होटल के किचन सील कर दिया गया।
दरअसल, इंदौर में आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने तथा खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा लगातार सघन निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को होटल सयाजी में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के भंडारण, तापमान नियंत्रण, लेबलिंग, पेस्ट कंट्रोल, स्वच्छता, इंफ्रास्ट्रक्चर तथा लाइसेंस संबंधी अनेक गंभीर कमियां पाई गई थीं। निरीक्षण के दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच हेतु लिए गए थे।
निरीक्षण में सामने आई कमियों के आधार पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन अभिहित अधिकारी द्वारा शुक्रवार को आदेश जारी कर सयाजी होटल्स इंदौर लिमिटेड की खाद्य अनुज्ञप्ति निलंबित कर दी गई। उक्त आदेश के अनुपालन में संबंधित प्रतिष्ठान में खाद्य कारोबार गतिविधियों को रोकने के लिए संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी के निर्देशन में प्रशासनिक अमले द्वारा होटल के किचन को सील कर दिया गया है। बताया गया कि खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों के गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सिग्नेचर बुटीक होटल में औचक निरीक्षण
इसी क्रम में कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में प्रशासनिक अमले के साथ खाद्य एवं औषधि प्रशासन, इंदौर की टीम द्वारा शहर स्थित सिग्नेचर बुटीक होटल का औचक निरीक्षण किया गया। संयुक्त कार्रवाई में तहसीलदार अजय अहिरवार, तहसीलदार सहदेव मौर्य, खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र सोनी एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी नीरज श्रीवास्तव शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान होटल के किचन में खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी कई कमियां पाई गईं। किचन की फर्श टूटी हुई पाई गई, जिससे खाद्य स्वच्छता की दृष्टि से संक्रमण की संभावना बनी हुई थी। खाद्य पदार्थों के भंडारण की भी उचित व्यवस्था नहीं पाई गई। उपलब्ध खाद्य पदार्थों पर निर्माण तिथि एवं एक्सपायरी तिथि अंकित नहीं पाई गई।
खाद्य हैंडलर्स के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं पाए गए। कर्मचारियों द्वारा कार्य के दौरान हेड कैप एवं एप्रन जैसे आवश्यक सुरक्षात्मक उपकरणों का उपयोग भी नहीं किया जा रहा था। मौके पर पेस्ट कंट्रोल का वैध प्रमाण-पत्र भी प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
निरीक्षण के दौरान सोयाबीन तेल, पनीर एवं मैदा के कुल 3 नमूने जांच हेतु लिए गए हैं। संबंधित प्रतिष्ठान को पाई गई कमियों के संबंध में नोटिस जारी कर 7 दिवस में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राप्त जवाब एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
द भवन प्रॉमिनेंट इंटरनेशनल स्कूल से 5 नमूने लिए गए
वहीं, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा द भवन प्रॉमिनेंट इंटरनेशनल स्कूल, खसरा नंबर 71, ग्राम पिपलिया कुमार, तुलसी नगर, बॉम्बे हॉस्पिटल, इंदौर का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के कुल 5 नमूने जांच हेतु लिए गए, जिनमें टोमैटो कैचअप, विनेगर, रेड चिली सॉस, पाव एवं भाजी शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान परिसर में खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी कुछ कमियां भी पाई गईं। मौके पर चॉपिंग बोर्ड खराब स्थिति में पाया गया। खाद्य हैंडलर्स के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं पाए गए तथा खाद्य पदार्थों के निर्माण में प्रयुक्त पानी की जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं पाई गई।
इसके अतिरिक्त कुछ बर्तनों में जंग लगी हुई पाई गई तथा पिसाई मशीन के पास ही कुछ बर्तन साफ किए जाते हुए पाए गए, जिससे खाद्य स्वच्छता की दृष्टि से उचित व्यवस्था नहीं होने की स्थिति सामने आई। अधिकारियों द्वारा सभी खाद्य नमूनों को जांच के लिए खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट एवं निरीक्षण में पाई गई कमियों के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा संबंधित नियमों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता तथा सुरक्षित निर्माण एवं भंडारण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जनस्वास्थ्य एवं उपभोक्ता हितों को ध्यान में रखते हुए खाद्य कारोबार प्रतिष्ठानों के विरुद्ध निरीक्षण एवं कार्रवाई का अभियान लगातार जारी रहेगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर