इंदौर में सफाई कर्मचारियों का निगम कार्यालय पर प्रदर्शन, चूड़ियां फेंककर जताया विरोध

 


-नियमितीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर पांच दिन की हड़ताल शुरू, मंगलवार से रीगल चौराहे पर धरना

इंदौर, 05 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में नियमितीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने सोमवार को निगम कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। सुबह करीब 11:30 बजे बड़ी संख्या में कर्मचारी निगम पहुंचे और जमीन पर बैठकर नारेबाजी की। कर्मचारी निगम आयुक्त से सामने आकर बात करने की मांग कर रहे थे। करीब दो घंटे चले प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने अधिकारियों के प्रति विरोध जताते हुए अपनी चूड़ियां उतारकर निगम कार्यालय के गेट पर फेंक दीं।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने ‘बाहर आकर बात करो’, ‘निगम कमिश्नर इस्तीफा दो’, ‘जातिवाद बंद करो’ और ‘निगम कमिश्नर हाय-हाय’ जैसे नारे लगाए। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से नियमितीकरण, वेतन और अन्य सुविधाओं से जुड़ी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन उनका समाधान नहीं हुआ।

20 साल से काम, फिर भी नियमित नहीं

सफाई मित्र माया पथरोड ने बताया कि वह करीब 20 साल से निगम में काम कर रही हैं, लेकिन अब तक नियमित नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में करीब 10,500 रुपए वेतन मिलता है, जिसमें से लगभग 4 हजार रुपए किराए में खर्च हो जाते हैं। वह खजराना से गौरीनगर काम करने जाती हैं। उनके अनुसार आने-जाने और ड्यूटी में ही पूरा दिन निकल जाता है।

सफाई मित्र रीना ने कहा कि सफाई कर्मचारी वर्षों से शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने समय पर वेतन, इलाज और बच्चों की शिक्षा से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया।

पूजा सिरसिया ने आरोप लगाया कि वेतन समय पर नहीं मिलता और कटौती भी की जाती है। उन्होंने कहा कि करीब 10 हजार रुपए के वेतन में परिवार और बच्चों की पढ़ाई का खर्च चलाना मुश्किल है। संगीता धोलपुरे ने भी लंबे समय से नियमितीकरण नहीं होने और कम वेतन में परिवार चलाने की परेशानी बताई।

पांच दिन की हड़ताल, मंगलवार से रीगल पर धरना

वाल्मीकि सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर संतोष कल्याणे ने कहा कि प्रदेशभर में पांच दिन की हड़ताल का आह्वान किया गया है। इंदौर में सोमवार को भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि मंगलवार से कर्मचारी रीगल चौराहे पर धरना देंगे। कर्मचारियों की मांगों को लेकर आंदोलन को आगे भी जारी रखने की बात कही गई है।

सफाई कर्मचारियों ने निगम आयुक्त को पहले ही पत्र देकर 5 अक्टूबर से काम बंद हड़ताल की सूचना दी थी। पत्र में कहा गया था कि कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण के लिए कई बार ज्ञापन और आवेदन दिए गए, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हुआ।

मेयर ने अगस्त में दिए थे कार्रवाई के निर्देश

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने 24 अगस्त 2026 को सफाई कर्मचारियों और निगम कर्मचारियों की मांगों के संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इनमें 16 मई 2007 के बाद नियुक्त दैनिक वेतनभोगी, सफाईकर्मियों और अन्य कर्मचारियों के विनियमितीकरण के लिए शासन को पत्र भेजना शामिल था।

इसके अलावा पात्र कर्मचारियों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के समान वेतन-भत्तों का लाभ दिलाने के लिए नियमों में शिथिलता की अनुशंसा के साथ शासन को प्रस्ताव भेजने, कर्मचारी की मृत्यु के बाद नियमानुसार अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण करने, अवकाश नगदीकरण के मामलों को समयसीमा में निपटाने और सभी कर्मचारियों को प्रतिमाह वेतन स्लिप देने के निर्देश भी दिए गए थे।

अतिरिक्त कर्मचारियों से कराई गई सफाई

नगर निगम के अपर आयुक्त प्रखर सिंह ने कहा कि कर्मचारी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। निगम स्तर पर जिन मांगों का निराकरण संभव है, उन पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि काम बंद कर चुके कर्मचारियों की वापसी के लिए दो दिन कैंप भी लगाया गया था, जिसमें कई आवेदन मिले हैं और पात्र मामलों में बहाली की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि हड़ताल पर गए कर्मचारियों ने सोमवार को काम नहीं किया। सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगम के अतिरिक्त कर्मचारियों से सफाई कराई गई। हड़ताल जारी रहने की स्थिति में सफाई व्यवस्था के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे