इंदौर में सार्वजनिक गार्डन में जैन संत का अंतिम संस्कार, रहवासियों ने जताई आपत्ति

 


पुलिस का दावा- रात में अनुमति से किया था इनकार, निगम ने पंचनामा बनाकर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी रिपोर्ट

इंदौर, 12 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदाैर शहर में अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र के नेमीनगर स्थित नगर निगम के सार्वजनिक गार्डन में जैन संत के अंतिम संस्कार का मामला सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया।

बुधवार सुबह करीब 6 बजे आचार्य श्री विद्यासागर उद्यान परिसर में जैन संत सुलभथी सागर जी महाराज का अंतिम संस्कार किए जाने की जानकारी मिली। सुबह करीब 7 बजे इसकी सूचना नगर निगम उद्यान विभाग को मिली। निगम की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक अंतिम संस्कार पूरा हो चुका था और वहां राख व अवशेष ही मिले। मामले की जानकारी फैलने के बाद स्थानीय रहवासी मौके पर पहुंचे और सार्वजनिक गार्डन में अंतिम संस्कार किए जाने पर आपत्ति जताई। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।

चातुर्मास के लिए ठहरे थे संत

जानकारी के अनुसार, करीब 80 वर्षीय जैन संत सुलभथी सागर जी महाराज चातुर्मास के लिए नेमीनगर क्षेत्र में ठहरे हुए थे। इसी दौरान उनका निधन हो गया। इसके बाद समाजजनों की ओर से अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं और सुबह गार्डन परिसर में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।

पुलिस ने अनुमति से किया था इनकार

अन्नपूर्णा पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात जैन समाज के कुछ लोग गार्डन में अंतिम संस्कार की अनुमति लेने थाने पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक उद्यान में अंतिम संस्कार की अनुमति देने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया गया था। इसके बावजूद बुधवार सुबह गार्डन में अंतिम संस्कार किए जाने की बात सामने आई। हालांकि, जैन समाज की ओर से पुलिस को घटना की जानकारी दिए जाने की बात कही गई है। ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए अनुमति और सूचना को लेकर दोनों पक्षों के दावों में अंतर सामने आ रहा है।

निगम उद्यान विभाग ने जताई आपत्ति

नगर निगम के जोन क्रमांक 15 और वार्ड क्रमांक 72 के अंतर्गत आने वाला यह गार्डन उद्यान विभाग के अधीन है। उद्यान विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सार्वजनिक पार्क में अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित अनुमति और प्रक्रिया का पालन किया जाना आवश्यक है। विभाग का आरोप है कि अंतिम संस्कार से पहले निगम को न तो सूचना दी गई और न ही वैध अनुमति ली गई। सहायक उद्यान अधिकारी राहुल वर्मा के मुताबिक, सूचना मिलने के बाद निगम की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। अंतिम संस्कार पूरा हो चुका था। टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार किया है और मामले की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।

रहवासियों ने की कार्रवाई की मांग

स्थानीय रहवासियों ने नगर निगम के उद्यान अधिकारी को लिखित शिकायत देकर मामले में नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि नगर निगम के विकसित सार्वजनिक उद्यान परिसर में बिना पूर्व सूचना अंतिम संस्कार किया गया। रहवासियों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस और नगर निगम स्तर पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि अंतिम संस्कार के लिए किसी स्तर पर अनुमति या सूचना दी गई थी या नहीं और सार्वजनिक उद्यान में अंतिम संस्कार की अनुमति किस आधार पर दी गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे