इंदौरः जल संसाधन दिवस पर मंत्री सिलावट ने पौधारोपण कर दिया जल संवर्धन का संदेश
- प्राकृतिक जल स्त्रोतों के संरक्षण और जल की बर्बादी रोकने का किया आव्हान
इंदौर, 10 अप्रैल (हि.स.)। जल संसाधन दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने शुक्रवार को अपने निज कार्यालय एवं आवास पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन का संदेश दिया।
मंत्री सिलावट ने बताया कि प्रतिवर्ष 10 अप्रैल को भारत में जल संसाधन दिवस मनाया जाता है। यह दिवस प्राकृतिक जल स्त्रोतों के संरक्षण, जल की बर्बादी रोकने तथा स्वच्छ जल के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से समर्पित है। उन्होंने कहा कि भूजल स्तर में निरंतर गिरावट देश के लिए गंभीर चिंता का विषय है, जिसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, टपक सिंचाई (ड्रिप इरिगेशन) तथा अन्य आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इन उपायों के माध्यम से जल संरक्षण एवं संवर्धन को प्रभावी बनाया जा सकता है।
मंत्री सिलावट ने बताया कि यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में 17 मार्च से 30 जून तक “जल गंगा संवर्धन अभियान” संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत व्यापक स्तर पर जल संरक्षण के कार्य किए जा रहे हैं।
सिलावट ने आमजन से अपील की है कि घरों में अनावश्यक रूप से नल खुला न छोड़ें, खराब पाइप लाइनों को तुरंत ठीक कराएं तथा वर्षा जल का संग्रहण और पुनः उपयोग सुनिश्चित करें। साथ ही जन-जागरूकता के माध्यम से जल स्त्रोतों की सुरक्षा में सहभागिता निभाएं। इस अवसर पर श्रवणसिंह चावड़ा, रवि रावलिया, तुफानसिंह एवं शंकर पटेल भी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर