इंदौर महापौर के रिपोर्ट कार्ड पर कांग्रेस का पलटवार, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के लगाए आरोप
इंदौर, 06 अगस्त (हि.स.)। इंदौर नगर निगम परिषद के चार वर्ष पूरे होने पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किए जाने के बाद कांग्रेस ने उस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
गुरुवार को शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में नगर निगम की कार्यप्रणाली, शहर के विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। इस दौरान चौकसे ने महापौर को सार्वजनिक बहस (डिबेट) की चुनौती भी दी।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि बीते चार वर्षों में नगर निगम शहर की मूलभूत समस्याओं के समाधान के बजाय अव्यवस्था और कथित अनियमितताओं का केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम से जुड़े विभिन्न मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए, लेकिन जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
बेलेश्वर बावड़ी हादसे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में नगर निगम के जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई थी, उन्हें बाद में पुनः पदस्थ कर दिया गया। वहीं भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अब तक इस घटना के कारणों और जिम्मेदारों को लेकर स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
कांग्रेस ने राज्य सरकार से नगर निगम के बकाया वित्तीय दावों का मुद्दा भी उठाया। चौकसे ने कहा कि चुंगी, क्षतिपूर्ति, स्टांप ड्यूटी और प्रवेश कर सहित विभिन्न मदों में नगर निगम के 600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि राज्य सरकार पर लंबित है। उनका आरोप था कि महापौर इस विषय पर सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से पक्ष नहीं रख सके।
नगर निगम की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अधिकारी मुख्यालय में पर्याप्त समय नहीं देते, जिससे आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की समस्याओं के समाधान में देरी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि नवाचार के नाम पर जनसुनवाई जैसी व्यवस्थाएं कमजोर हुई हैं।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस ने ड्रेनेज लाइन और नामांतरण से जुड़े कथित घोटालों का भी उल्लेख किया। चौकसे ने दावा किया कि नामांतरण प्रकरण की जांच अब तक पूरी नहीं हुई है, जबकि इससे बड़ी संख्या में संपत्तियां प्रभावित हुई हैं। सड़क चौड़ीकरण के दौरान प्रभावित लोगों को मुआवजा दिए जाने का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस ने कहा कि जिस प्रकार अन्य शहरों में प्रभावित नागरिकों को मुआवजा दिया गया है, उसी प्रकार इंदौर में भी छावनी और जिंसी क्षेत्र के प्रभावित परिवारों को राहत मिलनी चाहिए।
कांग्रेस ने सराफा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत, जलभराव, गर्मी के दौरान पेयजल संकट, दूषित पेयजल और ट्रैफिक प्रबंधन सहित कई स्थानीय मुद्दों पर भी नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पार्टी ने कहा कि इन मुद्दों पर नगर निगम को जवाबदेही के साथ प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
उल्लेखनीय है कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने 4 अगस्त को अपने चार वर्ष के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए नगर निगम की उपलब्धियों और विकास कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया था, जिसके बाद कांग्रेस ने यह प्रतिक्रिया दी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे