इंदौर : विधायक मालिनी गौड़ का सवाल- बैठकों में समस्याएं उठाने का क्या फायदा, जब समाधान ही नहीं होता

 


इंदौर, 16 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में जलसंकट को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। पानी की समस्या पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं होने के बाद भाजपा विधायक मालिनी गौड़ ने अपनी अनुपस्थिति की वजह बताई है। उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब बैठकों में समस्याएं रखने के बावजूद उनका समाधान नहीं होता, तो ऐसी बैठकों में शामिल होने का क्या औचित्य है।

मालिनी गौड़ ने अपने विधानसभा क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके महापौर कार्यकाल में गोदवले धाम में पानी की टंकी बनाई गई थी, लेकिन अब तक उसे चालू करने के लिए जरूरी बिजली कनेक्शन नहीं हो पाया है। उनके अनुसार, इस समस्या को कई बार उठाया जा चुका है, फिर भी समाधान नहीं हुआ।

दरअसल, गुरूवार को इंदौर में पानी की समस्या पर चर्चा कर उसके समाधान के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बैठक बुलाई थी। इंदौर शहर के नौ विधायकों में से केवल चार ही बैठक में पहुंचे। मालिनी गौड़ सहित पांच विधायक और सांसद बैठक में शामिल नहीं हुए। जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी के बाद इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हुई।

इसके बाद मालिनी गौड़ ने अपनी अनुपस्थिति का कारण बताते हुए कहा कि नगर निगम में छोटे-छोटे कामों के लिए भी बार-बार कहने के बावजूद समस्याओं का निराकरण नहीं होता। ऐसे में बैठक में शामिल होने से पहले जरूरी है कि पहले उठाई गई समस्याओं पर कार्रवाई हो।

विधायक ने गोदवले धाम की पानी की टंकी का जिक्र करते हुए कहा कि टंकी बनने के बाद भी बिजली कनेक्शन नहीं होने से उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। उन्होंने इस मुद्दे को कई बार अधिकारियों के सामने उठाया, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।

मालिनी गौड़ के बयान से शहर की जलापूर्ति व्यवस्था और नगर निगम में लंबित कार्यों को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। इंदौर में पानी की समस्या के समाधान के लिए बुलाई गई बैठक के बीच भाजपा विधायक की यह नाराजगी स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को लेकर भी चर्चा का विषय बन गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा