इंदौर में 100 साल पुराने जर्जर मकान पर चला बुलडोजर, महीनेभर पहले नोटिस के बाद नगर निगम की कार्रवाई

 


इंदौर, 29 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में बारिश के मौसम में संभावित हादसे को रोकने के लिए नगर निगम ने बुधवार को मल्हारगंज क्षेत्र में 100 वर्ष से अधिक पुराने जर्जर भवन को ध्वस्त कर दिया।

नगर निगम ने भवन मालिक को करीब एक माह पहले नोटिस जारी कर मकान हटाने के निर्देश दिए थे। निर्धारित समय में कार्रवाई पूरी नहीं होने पर निगम की रिमूवल टीम ने जेसीबी की मदद से भवन को गिरा दिया।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार एमजी रोड स्थित एक जूस सेंटर के पास मकान क्रमांक-209 लंबे समय से जर्जर अवस्था में था। भवन की दीवारों और ढांचे की हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि लगातार हो रही बारिश के बीच इसके कभी भी गिरने की आशंका बनी हुई थी। मकान के ठीक सामने व्यस्त सड़क होने के कारण रोजाना हजारों वाहन और पैदल राहगीरों की आवाजाही रहती है। ऐसे में किसी बड़े हादसे से बचने के लिए निगम ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया।

जोन-20 के बिल्डिंग ऑफिसर प्रभात तिवारी ने बताया कि भवन मालिक को एक महीने पहले नोटिस देकर स्वयं मकान हटाने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस मिलने के बाद मालिक ने भवन तोड़ने का काम शुरू भी कराया, लेकिन बीच में काम बंद कर दिया और तय समय सीमा में मकान नहीं हटाया। इसके बाद निगम ने सुरक्षा की दृष्टि से स्वयं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।

कार्रवाई से पहले भवन के नीचे संचालित तीनों दुकानों को खाली करा लिया गया था। किराएदारों ने मंगलवार रात ही अपना सामान निकाल लिया था, जिससे ध्वस्तीकरण के दौरान किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। बुधवार सुबह निगम की टीम भारी मशीनरी के साथ मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से पूरे भवन को ध्वस्त कर दिया। ध्वस्तीकरण के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर भवन के दोनों ओर यातायात अस्थायी रूप से रोक दिया गया। मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने। पुराने भवन को गिरते देखने के लिए आसपास बड़ी संख्या में लोग भी एकत्र हो गए।

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में चिन्हित अन्य जर्जर भवनों का भी लगातार सर्वे किया जा रहा है। जिन भवनों से जनहानि का खतरा है, उनके मालिकों को नोटिस जारी कर समय पर मरम्मत या ध्वस्तीकरण के निर्देश दिए जा रहे हैं। निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं करने पर निगम इसी तरह सख्त कदम उठाएगा, ताकि बारिश के मौसम में किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे