इंदौर कांग्रेस ने महापौर को बताया ‘मित्रासुर’, रीगल चौराहे पर फूंका पुतला
इंदौर, 19 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदाैर शहर की बुनियादी समस्याओं और नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को रीगल चौराहे पर प्रदर्शन किया। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में महापौर पुष्यमित्र भार्गव को ‘मित्रासुर’ बताते हुए उनका पुतला दहन किया गया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गड्ढों, जलसंकट, ट्रैफिक, ड्रेनेज, अवैध होर्डिंग और कथित अनियमितताओं के मुद्दे उठाते हुए महापौर और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महापौर मुर्दाबाद, भाजपा मुर्दाबाद और मित्रासुर मुर्दाबाद के नारे लगाए। सोनिला मिमरोट महिलाओं के साथ रीगल चौराहे पहुंचीं और शहर की समस्याओं को लेकर नगर निगम को घेरा। प्रदर्शन के लिए लाए गए पुतले को कांग्रेस ने ‘मित्रासुर’ नाम दिया था। पुतले के अलग-अलग चेहरों पर शहर की समस्याओं और कथित अनियमितताओं से जुड़े नाम लिखे गए थे। इनमें गड्ढा मित्र, फर्जी नामांतरण घोटाला मित्र, भागीरथपुरा कांड मित्र, सफाईकर्मियों का झूठा मित्र, जलसंकट मित्र, अवैध होर्डिंग मित्र, घटिया ट्रैफिक नवाचार मित्र, भेदभाव मित्र और फर्जी बिल घोटाला मित्र जैसे नाम शामिल थे। कांग्रेस नेताओं ने इन नामों के जरिए नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। पार्टी ने शहर की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर महापौर और उनकी परिषद को निशाने पर लिया।
‘जनता के मित्र नहीं, शत्रु हैं महापौर’
नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने कहा कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव खुद को इंदौर का मित्र बताते हैं, लेकिन कांग्रेस के अनुसार शहर की समस्याओं को देखते हुए वे जनता के मित्र नहीं, बल्कि शत्रु साबित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महापौर ने अपनी जिम्मेदारियों का समुचित निर्वहन नहीं किया और शहर में गड्ढों, पानी, ट्रैफिक तथा ड्रेनेज से जुड़ी समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया। मिमरोट ने महापौर पर कथित घोटालों और अनियमितताओं में शामिल लोगों का साथ देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि ‘मित्रासुर’ का पुतला दहन कर महापौर और उनकी परिषद तक कांग्रेस ने अपना विरोध पहुंचाने की कोशिश की है।
छह महीने में काम साबित करने की चुनौती
मिमरोट ने महापौर के ‘ट्रैफिक मित्र’ होने के दावे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने शहर में अवैध होर्डिंग और यातायात व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का उल्लेख करते हुए भागीरथपुरा जलकांड की जिम्मेदारी को लेकर भी महापौर की आलोचना की। उन्होंने महापौर को चुनौती देते हुए कहा कि वे अगले छह महीने में इंदौर की जनता के लिए किए गए काम साबित करें, अन्यथा इस्तीफा दे दें। मिमरोट ने जलसंकट को लेकर भी चिंता जताई और चेतावनी दी कि यदि आने वाले महीनों में हालात नहीं सुधरे, तो जनता का आक्रोश बढ़ सकता है। कांग्रेस ने प्रदर्शन के जरिए नगर निगम से शहर की बुनियादी समस्याओं के समाधान, यातायात व्यवस्था में सुधार और कथित अनियमितताओं पर जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे