इंदौर के भागीरथपुरा की स्थिति तेजी से हो रही सामान्य, क्षेत्र के हर एक नागरिक का होगा स्वास्थ्य परीक्षण

 


- प्रभावितों के स्वास्थ्य का किया जाएगा सतत फॉलोअप और सभी को मिलेंगे स्वास्थ्य कार्ड

इंदौर, 10 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई 20 मौतों के बाद जिला प्रशासन की टीम सुधार कार्य में जुटी हुई है। भागीरथपुरा में वर्तमान में स्वास्थ्य की दृष्टि से स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है और वह नियंत्रण में है। भागीरथपुरा क्षेत्र सहित पूरे इंदौर की जल एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से शनिवार को रेसीडेंसी में एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की। बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा कर अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वर्तमान में भागीरथपुरा में स्वास्थ्य की दृष्टि से स्थिति तेजी से सुधार हो रहा है। वर्तमान में कोई भी गंभीर मामला सामने नहीं है। इसके बावजूद एहतियातन भागीरथपुरा क्षेत्र के प्रत्येक परिवार का स्वास्थ्य परीक्षण कराये जाने के लिए अभियान शुरू किया जा रहा है। क्षेत्र के लगभग 50–60 हजार नागरिकों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु संपूर्ण स्वास्थ्य दल तैनात रहेगा। जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की समस्या पाई जाती है तो तत्काल उपचार एवं फॉलोअप सुनिश्चित किया जाएगा। प्रभावित नागरिकों को स्वास्थ्य कार्ड भी प्रदान किए जाएंगे। नागरिकों की अनेक तरीके की जाँचे नि:शुल्क की जायेगी।

जल आपूर्ति सुधार की ठोस कार्ययोजनाबैठक में बताया गया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में पाइपलाइन का कार्य प्रगति पर है। लगभग 30 प्रतिशत क्षेत्र में पाइपलाइन डाली जा चुकी है और उसकी टेस्टिंग भी पूर्ण हो चुकी है। जल के सैंपल लेकर निरंतर जांच की जा रही है। पूरी तरह पीने योग्य होने की पुष्टि के बाद तीन दिन के भीतर नर्मदा का पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। भागीरथपुरा में 114 शासकीय एवं 80 से अधिक निजी ट्यूबवेल हैं। जल परीक्षण में पानी पीने योग्य नहीं पाए जाने पर सभी ट्यूबवेल में क्लोरीनेशन कराया गया है। नागरिकों से अपील की गई है कि ट्यूबवेल का पानी पीने में उपयोग न करें, केवल साफ-सफाई व अन्य घरेलू कार्यों में ही लें।

नर्मदा जल आपूर्ति की व्यवस्थाबैठक में बताया गया कि भागीरथपुरा के 30 प्रतिशत क्षेत्र में जल्द ही नर्मदा जल सीधे उपलब्ध कराया जाएगा। अभी शेष 70 प्रतिशत क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से शुद्ध नर्मदा जल की आपूर्ति की जाएगी। टैंकर का पानी शुद्ध है, फिर भी नागरिकों को उबालकर पीने की सलाह दी गई है।

शहरभर में पेयजल गुणवत्ता की सघन निगरानीबैठक में निर्णय लिया गया कि शहर में पेयजल की गुणवत्ता पर सतत एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग प्रणाली स्थापित की जाएगी। नगर निगम की सभी 105 जल टंकियों पर सुदृढ़ जल जांच व्यवस्था लागू होगी। प्रतिदिन विभिन्न स्थानों से सैंपल लेकर जांच की जाएगी, ताकि प्रदूषण की संभावना पूरी तरह समाप्त हो सके। जांच और गुणवत्ता की मॉनीटरिंग के लिये विशेष सेल भी बनाया जायेगा।

नए बोरिंग खनन पर रोकबैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि अब शहर में नए बोरिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी, क्योंकि नए बोरिंग में पेयजल से जुड़ी समस्याएं अधिक सामने आ रही हैं।

नगर निगम में रिक्त पदों की शीघ्र पूर्तिबैठक में बताया गया कि नगर निगम में लंबे समय से रिक्त पदों को भरने के लिए अभियान चलाकर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके लिए डेपुटेशन एवं सीधी भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ करने तथा एक विशेष समिति गठित करने के निर्देश दिए गए।

अमृत योजना पर विशेष जोरअमृत योजना को महत्वपूर्ण बताते हुए मंत्री विजयवर्गीय ने इसके अंतर्गत लंबित एवं आवश्यक कार्यों को शीघ्र पूरा कर तेजी से लागू करने के निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को दिए।

सर्वोच्च प्राथमिकता: शुद्ध व सुरक्षित पेयजलमंत्री विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि शहर के हर नागरिक तक शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए निरंतर निगरानी, त्वरित निर्णय और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा आज से स्वच्छ जल अभियान'' की शुरूआत की जा रही है। यह अभियान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में एक साथ चलेगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल गुणवत्ता का व्यापक परीक्षण करना है। साथ ही जल आपूर्ति प्रणाली में लीकेज, दूषित जल की पहचान कर समय पर सुधार करना, जिससे जल-जनित बीमारियों से बचाव हो सके।

बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, इंदौर जिले के प्रभारी अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल सहित विधायकगण रमेश मेंदोला, महेन्द्र हार्डिया, मालिनी गौड़, मधु वर्मा, गोलू शुक्ला, सुमित मिश्रा एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में अपर मुख्य सचिव मण्डलोई ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भी भागीरथपुरा क्षेत्र की स्थिति की लगातार समीक्षा और मॉनीटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि इंदौर में विकास कार्यों और शुद्ध पेयजल उपलब्धता के लिये सभी आवश्यक मदद दी जायेगी। किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जायेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर