अनूपपुर: चिकित्सक की गैरमौजूदगी में कर्मचारियों ने किया इलाज, महिला की मौत के बाद आशीर्वाद अस्पताल सील

 






अनूपपुर, 30 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला मुख्यालय में संचालित एक निजी चिकित्सालय में चिकित्सक की अनुपस्थिति के बावजूद कर्मचारियों द्वारा मरीजों का उपचार किए जाने का मामला सामने आया है। उपचार के दौरान एक महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया।

रविवार को जैतहरी रोड स्थित आशीर्वाद अस्पताल का निरीक्षण किया गया, जहां कई गंभीर अनियमितताएं मिलने पर अस्पताल को तत्काल प्रभाव से बंद कर सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।

जानकारी के अनुसार, छिल्पा निवासी फुलमत चौधरी, पति बिकनू चौधरी, की दो दिन पहले आशीर्वाद अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अलका तिवारी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया।

डॉ. अलका तिवारी ने बताया कि महिला को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, जहां चिकित्सक की मौजूदगी के बिना ही अस्पताल स्टाफ ने उसे भर्ती कर लिया। उपचार के दौरान लापरवाही के कारण महिला की मौत होने की बात सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

निरीक्षण में चार मरीज मिले भर्ती

रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर भर्ती मरीजों की जानकारी ली। इस दौरान अस्पताल में चार मरीज भर्ती मिले। इनमें दो मरीज पहले से चिकित्सक की अनुपस्थिति में उपचाररत थे, जबकि सामान्य बीमारी से पीड़ित दो अन्य मरीजों को रविवार को ही भर्ती किया गया था।

जांच में सामने आया कि अस्पताल द्वारा उपचार के लिए नियुक्त चिकित्सक जिले से बाहर था और अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए कोई जिम्मेदार चिकित्सक मौजूद नहीं था। इसके बाद सामान्य बीमारी से पीड़ित दो मरीजों को घर भेज दिया गया, जबकि गंभीर रूप से बीमार दो मरीजों को बेहतर उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग को यह भी जानकारी मिली कि 25 अगस्त को जिम्मेदार चिकित्सक की मौजूदगी के बिना तीन मरीजों का डायलिसिस किया गया था।

दस्तावेजों और व्यवस्थाओं की भी हुई जांच

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अलका तिवारी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं के साथ ही उपचार से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की। जांच के दौरान चिकित्सकीय सेवाओं में निर्धारित मानकों का पालन नहीं पाया गया।

गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आशीर्वाद अस्पताल को बंद कर सील कर दिया है। महिला की मौत और अस्पताल की व्यवस्थाओं से जुड़े मामले की जांच की जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला