अनूपपुर: अर्नब चक्रवात का असर: जिले में बारिश का दौर जारी कहीं तेज जो कहीं हल्की, फसलों को फायदा

 




अनूपपुर, 28 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश एवं अनूपपुर जिले में आंध्र प्रदेश तट से अर्नब चक्रवात के टकराने के बाद बुधवार शाम में मौसम बदला और कई स्था नों में बारिश हुई, अमरकंटक में तेज जबकि जिला मुख्यालय और वेंकटनगर में हल्की बूंदाबांदी हुई। कृषि विभाग के अनुसार, फिलहाल हल्की बारिश से फसलों को नुकसान नहीं होगा। वहीं अभी भी अनूपपुर में बारिश का दौर जारी है।

बारिश, तापमान में आई ठंडक

बुधवार सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे। दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। शाम होते-होते जिले के कई हिस्सों में बारिश शुरू हो गई। हल्की तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से दिन में भी ठंडक महसूस हुई। अमरकंटक में तेज बारिश हुई। वेंकटनगर में शाम करीब 5 बजे 7 से 10 मिनट तक हल्की बूंदाबांदी हुई। अनूपपुर जिला मुख्यालय में भी फुहारें पड़ीं। राजेंद्रग्राम और आसपास के गांवों में शाम करीब 5 बजे बारिश शुरू हुई। कुछ जगह हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। अमरकंटक में ठंडी हवाओं के साथ रुक-रुककर बारिश होने से मौसम ठंडा हो गया। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बादलों और चक्रवात के असर से रात में भी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

कहीं-कहीं अति भारी वर्षा के आसार

मौसम वैज्ञानिक के अनुसार बुधवार से अनूपपुर सहित प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में तूफान का प्रभाव देखने को मिलेगा। जिसमे डिंडोरी, मंडला और बालाघाट जिलों में कहीं-कहीं अति भारी वर्षा के आसार के साथ वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका जताई है।

तेज बारिश से खड़ी फसलों को हो सकता है नुकसान

किसानों का कहना है कि तेज हवाओं के साथ लंबे समय तक जोरदार बारिश हुई तो खेतों में खड़ी खरीफ की फसलों को नुकसान हो सकता है। जिले में 1 लाख 85 हजार हेक्टेयर में खरीफ की बोवनी की गई है।

कृषि उपसंचालक अनुराग पटेल ने बताया कि अनूपपुर में प्रदेश के दूसरे जिलों की तुलना में खेती 20 से 25 दिन देर से होती है। यहां फसलें पकने की कगार पर हैं, लेकिन कटाई शुरू नहीं हुई है। सोयाबीन की ज्यादातर फसल कट चुकी है। देर से बोवनी करने वाले कुछ किसानों की सोयाबीन की फसल अब भी खेतों में खड़ी है।

हल्की बारिश से धान को फायदा

पटेल के अनुसार, चक्रवात के असर से अनूपपुर के प्रभावित होने को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं हुआ है। फिलहाल हल्की बारिश से खड़ी फसलों को नुकसान नहीं होगा। इससे धान के साथ अलसी, मटर, चना और मसूर की बोवनी को फायदा होगा। बारिश से खेतों में नमी भी बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि बारिश कुछ दिनों तक जारी रही और तेज हुई, तो फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।

बारिश से प्रकृति का निखरा स्वरूप, जनजीवन प्रभावित

अमरकंटक में प्रकृति का सौंदर्य मौसम

हरे-भरे वनांचल, पर्वतीय वादियों और मां नर्मदा के उद्गम स्थल के लिए प्रसिद्ध अमरकंटक में प्रकृति का सौंदर्य मौसम के इस परिवर्तन के साथ एक अलग ही रूप में दिखाई दे रहा है। बादलों से ढका आसमान, ठंडी हवाएं और वर्षा की बूंदें यहां के वातावरण को शीतल बना रही हैं। हालांकि, लगातार बदलते मौसम के कारण स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और बाहर से आने वाले पर्यटकों को अपनी दिनचर्या में बदलाव करना पड़ रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला