मुरैना: चम्बल अभयारण्य में अवैध रेत खनन व परिवहन हुआ बंद
मुरैना, 16 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल अभयारण्य में अवैध रेत खनन और परिवहन पर रोक को लेकर किए जा रहे प्रयासों की गुरुवार को समीक्षा की गई। उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) के अध्यक्ष सी.पी. गोयल ने देवरी स्थित घड़ियाल केंद्र पर तीन राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक कर अब तक की कार्रवाई का आकलन किया। समीक्षा के दौरान अवैध खनन रोकने के लिए गठित टास्क फोर्स की कार्रवाई और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया गया।
बैठक में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के प्रशासन, पुलिस, वन एवं खनिज विभाग के अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने सीईसी को बताया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के पालन के तहत अवैध खनन रोकने के लिए कई स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है और अधिकांश संवेदनशील रेत घाटों पर खनन पूरी तरह बंद है।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि अभयारण्य क्षेत्र में सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती, निगरानी चौकियों के निर्माण तथा प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन से जुड़े लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जबकि शेष कार्य भी निर्धारित समय में पूर्ण करने का प्रयास किया जा रहा है।
सीईसी अध्यक्ष सी.पी. गोयल ने कहा कि यदि चम्बल नदी में अवैध रेत उत्खनन पर प्रभावी रोक बनी रहती है तो इससे न केवल राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल अभयारण्य का संरक्षण मजबूत होगा, बल्कि घड़ियाल सहित अन्य जलीय जीवों का प्राकृतिक आवास भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने बताया कि न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन संबंधी विस्तृत प्रतिवेदन आगामी सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद न्यायालय आवश्यकतानुसार आगे के निर्देश जारी कर सकता है।
समीक्षा बैठक के बाद सीईसी अध्यक्ष ने राजस्थान के धौलपुर में निर्माणाधीन केंद्रीय निगरानी नियंत्रण कक्ष का भी निरीक्षण किया। तीनों राज्यों में सीसीटीवी आधारित केंद्रीय नियंत्रण प्रणाली विकसित की जा रही है, जिससे अभयारण्य क्षेत्र में निगरानी और प्रभावी हो सके।
उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने 9 अप्रैल 2026 को स्वतः संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल अभयारण्य में अवैध रेत खनन और परिवहन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इसके तहत संबंधित राज्यों को संवेदनशील घाटों पर 24 घंटे सुरक्षा बल तैनात करने, निगरानी चौकियां स्थापित करने और सीसीटीवी नेटवर्क विकसित करने के निर्देश दिए गए थे।
सीईसी अध्यक्ष सी.पी. गोयल ने कहा कि न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई जारी है और अब तक हुए कार्य संतोषजनक हैं। अनुपालन रिपोर्ट निर्धारित तिथि पर उच्चतम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
मुरैना कलेक्टर एवं राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल अभयारण्य टास्क फोर्स के अध्यक्ष लोकेश कुमार जांगिड ने बताया कि समीक्षा बैठक में तीनों राज्यों के अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि सीईसी अध्यक्ष को सभी कार्यों की प्रगति से अवगत कराया गया है तथा वे क्षेत्र में चल रहे विकास एवं निगरानी कार्यों का स्थल निरीक्षण भी कर रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/उपेंद्र गौतम
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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा