जबलपुर में होलिका प्रतिमाओं का अनोखा आकर्षण, 2 हजार से अधिक स्थानों पर होगा दहन

 


जबलपुर, 02 मार्च (हि.स.)। शहर में इस बार होलिका दहन से पहले होलिका की आकर्षक और अनोखी प्रतिमाएं लोगों का ध्यान खींच रही हैं। शहर में करीब 1500 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन किया जाएगा, लेकिन मुख्य चौक-चौराहों पर स्थापित प्रतिमाएं खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

पूरे जबलपुर में होली का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। रंग-गुलाल से पहले परंपरा अनुसार होलिका दहन किया जाता है। पहले यह दहन लकड़ियों और गोबर के कंडों से प्रतीकात्मक रूप से होता था, लेकिन समय के साथ इसका स्वरूप बदल गया है। अब लकड़ियों के ऊपर आकर्षक और कलात्मक होलिका प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं।

जबलपुर में होलिका की प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। यहां के मूर्तिकारों की बनाई प्रतिमाओं की मांग पूरे महाकौशल क्षेत्र में रहती है। आसपास के जिलों के साथ-साथ दूरदराज क्षेत्रों से भी लोग जबलपुर की प्रतिमाएं मंगवाते हैं। शहर के विभिन्न इलाकों में अलग-अलग थीम पर होलिका की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। सदर इलाके में महारानी के स्वरूप में प्रतिमा स्थापित की गई है। गोरखपुर इलाके में 21 फीट ऊंची होलिका की प्रतिमा स्थापित की गई है।

वहीं नेपियर टाउन में सुंदर प्रतिमा लोगों को आकर्षित कर रही है। राइट टाउन क्षेत्र में रखी गई प्रतिमा को डरावनी चुड़ैल के रूप में दर्शाया गया है, जिसके पोस्टर पर लिखा है कि वह 20 साल बाद लौटी है। इसी तरह सिविल लाइन क्षेत्र में होलिका की प्रतिमा किसी हीरोइन की तरह सजी नजर आ रही है, जबकि कहीं होलिका को चश्मा और पर्स के साथ आधुनिक रूप दिया गया है तो कहीं मछली के आकार में अनोखी प्रतिमा बनाई गई है।

शहर में अलग-अलग प्रतिमाओं को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। बदलते समय के साथ होलिका दहन का स्वरूप भी आधुनिक होता जा रहा है और लोग पारंपरिक लकड़ी व कंडों के साथ प्रतिमाओं पर भी जमकर खर्च कर रहे हैं। उत्साह और श्रद्धा के इस संगम ने जबलपुर की होली को खास बना दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक