स्टेट बार काउंसिल में सचिव पद की नियुक्ति का विवाद पहुंचा हाईकोर्ट, सुनवाई 28 अप्रैल को
जबलपुर, 24 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल में सचिव पद की नियुक्ति को लेकर विवाद गहरा गया है। शुक्रवार को इस नियुक्ति को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता अतुल सिंह भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित किए बिना ही चयन प्रक्रिया पूरी कर आशीष आनंद पांडे को सचिव नियुक्त कर दिया गया।
याचिकाकर्ता का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया निष्पक्षता के सिद्धांतों के विपरीत है और इससे योग्य अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हुए हैं। याचिका में चयन प्रक्रिया को निरस्त कर स्वतंत्र निगरानी में नई परीक्षा कराने की मांग की गई है। याचिका में भर्ती प्रक्रिया को अपारदर्शी बताते हुए कहा गया है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले सिलेबस तक उपलब्ध नहीं कराया गया, जबकि इसकी मांग की गई थी। इसके बावजूद 15 मार्च 2026 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई और बिना परिणाम घोषित किए 24 मार्च को सीधे साक्षात्कार कर लिए गए। इसके बाद 9 अप्रैल 2026 को नियुक्ति आदेश जारी कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि यह विवाद उस समय सामने आया, जब हाईकोर्ट ने पूर्व सचिव गीता शुक्ला की नियुक्ति को अवैध करार देने के बाद नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, नई प्रक्रिया भी अब सवालों के घेरे में है। मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल 2026 को निर्धारित है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नितिन प्रजापति और ठाडेश्वर गोले पक्ष रखेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक