जबलपुर फ्लाईओवर पर हाई कोर्ट सख्त, घमापुर में अतिक्रमण हटाने की तैयारी

 


जबलपुर, 31 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में लंबे समय से लंबित घमापुर फ्लाईओवर परियोजना को लेकर अब तस्वीर साफ होने की उम्मीद बढ़ गई है। कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया की जनहित याचिका पर सोमवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई।

सरकार ने फ्लाईओवर के प्रस्तावित क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव और सड़क चौड़ीकरण का आकलन कर लिया है। हालांकि, विस्तृत जवाब पेश करने के लिए सरकार ने कोर्ट से अतिरिक्त समय मांगा। मामले की अगली सुनवाई में फ्लाईओवर के रूट को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय होने की संभावना है।

पिछली सुनवाई में हाई कोर्ट ने एमपी टूरिज्म कार्यालय से फ्लाईओवर शुरू कर घमापुर चौराहे के आगे उतारने का सुझाव दिया था। कोर्ट का मानना है कि इस मार्ग से घमापुर, डॉ. अंबेडकर चौक, हाई कोर्ट और कलेक्ट्रेट चौराहे पर लगने वाले जाम से काफी राहत मिल सकती है।

याचिका के अनुसार घमापुर क्षेत्र में फ्लाईओवर की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। 11 दिसंबर 2019 को परियोजना के लिए 186.03 करोड़ रुपये का प्रारंभिक अनुमान तैयार किया गया था। बाद में 28 जुलाई 2022 को इसकी अनुमानित लागत बढ़कर 269.22 करोड़ रुपये हो गई। प्रस्ताव में क्षेत्र में लगातार बढ़ते यातायात, दुर्घटनाओं और आम लोगों को होने वाली परेशानी का उल्लेख किया गया था।

विधायक लखन घनघोरिया ने वर्ष 2021 से 2024 के बीच विधानसभा में कई बार इस परियोजना को लेकर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की। याचिका में आंबेडकर चौक से मदार टेकरी होते हुए रद्दी चौकी तक फ्लाईओवर बनाने की मांग की गई है।

इधर, सुनवाई के दौरान एल्गिन अस्पताल के पास गुमटियां लगाने वाले लोगों ने भी राहत की मांग की। उनका दावा था कि उनकी दुकानों के कारण यातायात प्रभावित नहीं होता। हाई कोर्ट ने नियमों के विपरीत बने निर्माणों को राहत देने से इनकार कर दिया। इससे प्रस्तावित मार्ग में आने वाले अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज होने के संकेत मिले हैं।

अब रूट तय होने के साथ सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। शहरवासियों की नजर अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां फ्लाईओवर की दिशा और परियोजना की आगामी कार्ययोजना को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक